रुद्राक्ष के नाम पर हो रहा धोखा, व्यापारी बेच रहे भद्राक्ष

देहरादून। संवाददाता। आस्था के धंधेबाज रुद्राक्ष के नाम पर भद्राक्ष बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। भारतीय वनस्पति विज्ञान सर्वेक्षण संस्थान के रिसर्च स्कॉलर ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के अधिकांश धार्मिक स्थलों में धड़ल्ले से नकली रुद्राक्ष बेचा जा रहा है।

भारतीय वनस्पति विज्ञान सर्वेक्षण संस्थान, देहरादून से शोध कर रहे अंबर कुमार का कहना है कि उन्होंने देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार के अलावा यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर के धार्मिक स्थलों का 2013 से 2017 तक अध्ययन किया। अध्ययन में पाया कि व्यापारी भद्राक्ष को रुद्राक्ष के नाम से बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

अध्ययन में ये रुद्राक्ष पाए गए नकली

युवा वैज्ञानिक अंबर कुमार ने कहा कि रुद्राक्ष की भारत में कुल 33 प्रजातियां हैं। बाजार में बेचे जा रहे तीन मुखी से नीचे और सात मुखी से ऊपर के अधिकतर रुद्राक्ष नकली हैं। चार, पांच और छह मुखी रुद्राक्ष 95 फीसदी तक सही पाए गए हैं। रुद्राक्ष बाजार में एक रुपए से लेकर 30 हजार रुपए तक की कीमत में बेचे जा रहे हैं।

औषधि का काम करता है रुद्राक्ष

हिंदू मान्यता के अनुसार रुद्राक्ष को भगवान शिव से जोड़ कर देखा जाता है। ज्योतिष डॉ. एनडी डिमरी के अनुसार रुद्राक्ष धारण से ग्रहों की स्थिति में सुधार आता है। औषधि के रूप में रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह नकारात्मक ऊर्जा खत्म करता है।

ये हैं रुद्राक्ष की असली और नकली प्रजातियां

वैज्ञानिकों ने इलेइओकार्पस गैनीट्रस प्रजाति को शुद्ध रुद्राक्ष माना है। जबकि इलेइओकार्पस लेकुनोसस को नकली प्रजाति माना गया है।

प्लास्टिक और फाइबर का रुद्राक्ष भी बिक रहा

अंबर कुमार का कहना है कि बाजार में प्लास्टिक और फाइबर के रुद्राक्ष धड़ल्ले से बिक रहे हैं। लकड़ी को रुद्राक्ष का आकार देकर या फिर टूटे रुद्राक्षों को जोड़कर भी नया रुद्राक्ष बनाने का धंधा चल रहा है।

ऐसे पहचानें रुद्राक्ष और भद्राक्ष का अंतर

1. असली रुद्राक्ष के फल में प्राकृतिक रूप से छेद होते हैं। जबकि भद्राक्ष में छेद कर इसे रुद्राक्ष के तौर पर पेश किया जाता है।
2. रुद्राक्ष की पत्तियां आरी के दांत जैसे होते हैं जबकि भद्राक्ष की पत्तियों का सिरा गोलाकार होता है।
3. असली रुद्राक्ष को यदि सरसों के तेल में डुबाया जाए तो यह रंग नहीं छोड़ता। नकली रुद्राक्ष रंग छोड़ सकता है।
4. पानी में डुबाने पर रुद्राक्ष डूब जाएगा, जबकि नकली डूबेगा नहीं।

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