सरसंघचालक ने नहीं की स्वयंसेवकों से सेना की तुलना-मनमोहन वैद्य

उन्होंने कहा संघ के पास ‘नित्य सिद्ध शक्ति’ अर्थात हर समय देश सेवा को तत्पर रहने वाले लोगों की शक्ति है। भागवत ने कहा कि इसलिए संकट आने पर सेना तीन दिन के भीतर स्वयंसेवकों को अपने काम के लिए ट्रेंड कर सकती है। 

नई दिल्ली  : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत के सेना वाले बयान पर संघ के आधिकारिक प्रवक्ता (अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख) मनमोहन वैद्य ने कहा कि इस मामले में अनावश्यक राजनीति की जा रही हैं। वैद्य ने कहा कि सरसंघचालक ने सेना की स्वयंसेवक से तुलना नहीं की है।

उन्होंने कहा संघ के पास ‘नित्य सिद्ध शक्ति’ अर्थात हर समय देश सेवा को तत्पर रहने वाले लोगों की शक्ति है। भागवत ने कहा कि इसलिए संकट आने पर सेना तीन दिन के भीतर स्वयंसेवकों को अपने काम के लिए ट्रेंड कर सकती है।

वैद्य ने कहा कि मोहन भागवत ने सेना को तैयार होने की बात नहीं कही है बल्कि सेना के साथ खड़े होकर लडऩे के लिए नागरिकों की एडिशनल सेना तैयार करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों में से सेना को तैयार करने में 6 महीने का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक जो रोज शाखा जाते हैं उनमें एक अनुशासन होता है। इसलिए स्वयंसेवकों में से सेना को तैयार होने में सिर्फ तीन दिन लगेंगे हैं। ऐसे में सेना की तुलना का कोई सवाल ही नहीं है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भारतीय सेना हमेशा तत्पर रहती है।

आरएसएस के प्रचार प्रमुख ने कहा कि देश की रक्षा के लिए स्वयंसेवकों ने भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर और अपनी जान खतरे में डालकर सेना की सहायता की है, उनकी मदद की है। सेना के अधिकारियों ने भी इसकी सराहना की है। मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सेना की तुलना नहीं की है, कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद है, वो अनावश्यक राजनीति कर रहे हैं। देश की सेना को लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

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