भाजपा में राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन अंतिम चरण पर

राज्यासभा सीट के चुनाव में भाजपा के कई दावेदारों की मौजूदगी के कारण प्रत्याशी चयन में समय लग रहा है। खासकर जीत सुनिश्चित होने पर राज्यसभा जाने की इच्छुक दावेदारों की अच्छी खासी संख्या है। भाजपा जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी उसका राज्यासभा पहुंचना तय।

देहरादून। उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा में अब पूरी कवायद दिल्ली बनाम दून में आकर सिमट गई है। लगभग आधा दर्जन मजबूत दावेदारों की मौजूदगी के कारण केंद्रीय नेतृत्व अब तक भी इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पाया है।

हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुकाबला अब दो दिग्गजों के बीच ही है। इनमें से एक सूबे की सियासत में सक्रिय है तो दूसरा केंद्रीय संगठन की नुमाइंदगी कर रहा है। दो दिन अवकाश के कारण अब राज्यसभा चुनाव के लिए अंतिम दिन 12 मार्च को ही नामांकन होंगे।

उत्तराखंड की तीन में से एक राज्यसभा सीट आगामी दो अप्रैल को रिक्त हो रही है। इस दिन कांग्रेस के महेंद्र सिंह माहरा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मौजूदा विधानसभा में भाजपा का तीन-चैथाई से ज्यादा बहुमत है। लिहाजा भाजपा जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी, उसका राज्यसभा पहुंचना तय है। ज्यादा संभावना इसी बात की है कि निर्वाचन निर्विरोध होगा। क्योंकि कांग्रेस पहले ही संख्या बल अनुकूल न होने के कारण राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने से इन्कार कर चुकी है।

जीत सुनिश्चित होने के कारण भाजपा में राज्यसभा जाने के इच्छुक दावेदारों की संख्या अच्छी खासी है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी व उद्योगपति अनिल गोयल के नाम तो हैं ही, साथ ही केंद्रीय संगठन के तीन वरिष्ठ नेता भी इस फेहरिस्त का हिस्सा हैं। इनमें प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश व राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी के नाम शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब जबकि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है, मुकाबले में दो ही मुख्य दावेदार रह गए हैं। इनमें से एक सूबे की राजनीति से ताल्लुक रखते हैं जबकि दूसरे केंद्रीय संगठन में अहम पद पर हैं। अब क्योंकि नामांकन के लिए अंतिम दो दिन ही बाकी हैं, केंद्रीय नेतृत्व जल्द प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर देगा।

राजनीति में नहीं आएंगी माता मंगला

राज्यसभा के लिए प्रदेश में रिक्त होने जा रही एक सीट के लिए इन दिनों कई नाम चर्चाओं में है। कभी किसी का नाम तेजी से उठता है तो कभी किसी का। इन सबके बीच माता मंगला और भोले महाराज ने यह स्पष्ट किया है कि वे समाज सेवा के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं और करते रहेंगे। उनका राजनीति में आने का न कभी विचार था और न कभी भविष्य में होगा।

माता मंगला और भोले महाराज के जनसंपर्क अधिकारी विकास वर्मा ने बताया कि माता मंगला और भोले महाराज समात हित में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे निरंतर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के बीच रहकर उनके उत्थान के लिए प्रयासरत हैं।

रास चुनाव को लिया पहला नामांकन पत्र

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को ईसी रोड, देहरादून निवासी संजय कुंडलिया ने पहला नामांकन पत्र लिया। शनिवार व रविवार को विधानसभा में अवकाश है। सोमवार 12 फरवरी को नामांकन लेने और जमा करने का अंतिम दिन है।

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