प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को जांच के लिए कटवाएं चक्कर

हरिद्वार। संवाददाता। हरिद्वार जिले में सरकारी अस्पताल की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला की जान मुश्किल में पड़ गयी। डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से जांच के लिए प्रसूती को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल चक्कर कटवाए गए। स्थिति इतनी नाजुक हो गयी कि महिला ने शौचालय के बाहर फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह 11 बजे हरिद्वार निवासी आशा को प्रसव पीड़ा होने पर मोहल्ले की आशा वर्कर की मदद से महिला अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होने जब महिला को डाक्टर को दिखाया तो उन्हें जांच कराने के लिए ऊपरी मंजिल पर भेजा दिया गया। यहां प्रसूता भर्ती वार्ड में पहुंचने पर नर्स ने ठीक से नहीं देखा। इस बीच पहुंची प्रशिक्षु डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा दिया। दर्द से कराहती प्रसूता को लेकर वे अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे। जांच में पता चला कि बच्चा पैदा होने की स्थिति है। इसके बाद जब आशा और महिला के परिजन प्रसूता को लेकर दोबारा वार्ड पहुंचे तो स्टाफ नर्स ने फिर ब्लड टेस्ट कराने को जिला अस्पताल भेज दिया।

प्रसव पीड़ा में आशा जांच कराने जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में पहुंची। इस बीच शौचालय के बाहर महिला तेज दर्द से कराहने लगी। आशा वर्कर का कहना है कि पैथोलॉजी में मौजूद डाक्टर की मदद से वहां फर्श पर डिलेवरी कराई कई। जैसे ही इसकी सूचना महिला अस्पताल में पहुंची, वहां के स्टाफ दौड़कर जिला अस्पताल पहुंचे। जज्जा-बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला का बेटा हुआ है। हालांकि दोनों सुरक्षित हैं। सीएमएस डा. भवानी पाल का कहना है कि कोई लापरवाही नहीं हुई। परिजनों ने लापरवाही की कोई लिखित शिकायत नहीं की।

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