उत्तराखंड संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह : 2281 छात्र-छात्राओं ने ली स्नातक, स्नातकोत्तर और शिक्षा शास्त्री की डिग्री। 

हरिद्वार : उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल पाकर टॉपर्स खुशी से झूम उठे। विश्वविद्यालय परिसर और प्रदेशभर में संबद्ध 50 संस्कृत महाविद्यालयों में विभिन्न पाठयक्रमों के 2281 छात्र-छात्राओं ने स्नातक, स्नातकोत्तर और शिक्षा शास्त्री की डिग्री ली।

कुलाधिपति एवं राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पॉल ने छात्रों को समाज के मूल्यों और मानकों पर खरा उतरने की नसीहत दी। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन को शोध और अभिनव प्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही ऐसी उपाधियां और अकादमिक कार्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया, जिससे विदेशी छात्र-छात्राएं आकर्षित हो।

दीक्षांत समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई और इसके पश्चात संगीत की धुन के साथ विश्वविद्यालय का कुलगीत गाया गया। विभिन्न पाठयक्रमों में सत्र 2016-17 में टॉप करने वाले 26 छात्रों को कुलाधिपति ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत सबको नमस्कार करने और शुभकामनाएं देने से की।

कहा कि डिग्री लेने के बाद आप जिन क्षेत्रों में जाएंगे वहां अपनी शिक्षा और संस्कारों के आधार पर नए मापदंड और आदर्श कायम करेंगे। कुलाधिपति ने छात्रों से आह्वान किया कि उन्हें उस ज्ञान को साबित करना होगा जो विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान प्राप्त किया। कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित और अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. ओमप्रकाश पांडेय ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य आरडी आनंद, कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, वित्ताधिकारी डॉ. तंजीम अली, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. अरविंद नारायण मिश्र, डॉ. मनोज पंत, डॉ. धीरज शुक्ल, डॉ. खुशेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. रूपेश शर्मा, डॉ. रामरतन खंडेलवाल, डॉ. रत्नलाल कौशिक, डॉ. प्रकाश पंत, मनोज गहतोड़ी, आशुतोष दुबे सहित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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