घेस के लिए वरदान बना मुख्यमंत्र का दौरा, डिजिटल गांव के रूप में विकसित हो रहा घेस

देवाल(चमोली)  : घेस क्षेत्र उत्तराखंड का सीमांत क्षेत्र है। घेस पहले डिजिटल गांव के रूप में विकसित हो रहा है। इसकी पहल हो चुकी है और यहां वाईफाई से स्कूल में क्यान के माध्यम से इसका ट्रायल भी कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीमांत गांवों को न केवल नया जीवन दिया है बल्कि इस क्षेत्र को दुनिया के नक्शे में लाने के लिए पहल भी की है।

मुख्यमंत्री शुरू से ही सीमांत क्षेत्रों और वहां से हो रहे पलायन को लेकर चिंतित थे। उन्होंने 2014-15 से यहां नगदी फसलों के रूप में बनारस के पप्पू भाई के माध्यम से मटर की खेती का प्रयोग शुरू किया था उससे इस क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी को सबल प्रदान करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है । मुख्यमंत्री इस महा मिशन के लिए सीमांत क्षेत्र के लोगो को प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने गत 10 अक्टूबर को मटर की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए घेस क्षेत्र का जो दौरा किया यह इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। इतनी बड़ी उपलब्धि के रूप में परिणित हो जाएगा ऐसी उम्मीद शायद किसी को नहीं रही होगी। इससे यह भी संदेश जाता है कि वह सीमांत क्षेत्रों और किसानों के प्रति कितनी संवेदनशील हैं और कितनी गहराई से सोच रहे हैं।

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