राज्य की नई आबकारी नीति पर लगी मुहर, जानिए कैबिनेट के प्रमुख फैसले


देहरादून। कैबिनेट ने राज्य की नई आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है। नई नीति के मुताबिक अब से शराब की दुकानों के ठेके ई-टेंडरिंग से होंगे। साथ ही इस बार सिंगल दुकान के टेंडर के अलावा दुकानों के सामूहिक टेंडर भी होंगे।
आबकारी दुकानों के ठेके के लिए पहली बार ई-टेंडर प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा। दुकानों के सामूहिक टेंडर के लिए दूरी का मानक तय किया गया है। 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाली चार दुकानों के सामूहिक टेंडर होंगे। अभी तक शराब की हर दुकान के सिंगल टेंडर होते थे। दुकानों के खुलने का समय सुबह दस से रात 10 बजे तक ही होगा। सिर्फ दूसरे राज्यों की सीमा से सटे जिलों में दुकानें रात को 11 बजे तक खुल सकेंगी। एफएलटू को लेकर पुरानी नीति ही लागू रहेगी। आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 2550 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया। पिछले वर्ष लक्ष्य 2310 करोड़ रहा। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2171 करोड़ राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है। एफएलटू को लेकर पुरानी ही नीति लागू होगी।

खुद खरीदनी होगी किताब, सरकार पैसा देगी
कैबिनेट में फ्री किताबों की जगह डीबीटीएल योजना को मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले राज्य को पत्र भेजकर इसकी अपेक्षा की थी। इससे अब बेसिक और जूनियर स्तर पर पढ़ रहे करीब आठ लाख सरकारी छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें नहीं मिलेंगी। किताबों के मूल्य के बराबर धन डीबीटीएल योजना के तहत उनके बैंक खातों में जमा कराया जाएगा। किताबें छात्रों को खुद खरीदनी होगी।

होम स्टे बनाने को राहत
सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2020 तक 5000 होम स्टे बनाने का निर्णय लिया है। भवन बनाने के लिए भू परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। इनमें बिजली-पानी कनेक्शन घरेलू होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे बनाने के लिए 33 फीसदी सब्सिडी या फिर अधिकतम दस लाख जबकि मैदानी क्षेत्रों में 25 फीसदी और अधिकतम साढ़े सात लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही ब्याज पर 50 फीसदी या डेढ़ लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी।

गंगा किनारे निर्माण पर रोक को बदला कानून
आपत्तियों की सुनवाई न होने की वजह से हरिद्वार-उत्तरकाशी में गंगा किनारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण पर रोक के लिए कैबिनेट ने बाढ़ मैदान परिक्षेत्र एक्ट में बदलाव को मंजूरी दे दी। इसके तहत आपत्तियों की सुनवाई के लिए छह महीने के बजाए डेढ़ साल का वक्त मिलेगा। हरिद्वार और उत्तरकाशी में गंगा के बाढ प्रभावित 60 किलोमीटर लंबी बेल्ट में निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय किया जा चुका है। इसके तहत हरिद्वार में चंडीघाट से लक्सर तक 50 किमी और उत्तरकाशी में गंगोरी-बड़ेथी चुंगी तक 10 किमी का क्षेत्र इस संवेदनशील क्षेत्र में लिया गया है। 20 फरवरी 2017 को सरकार ने इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद आपत्तियां लेकर छह माह में फाइनल अधिसूचना जारी होनी थी। पर, आपत्तियां-सुझाव लेने व सुनवाई में छह माह का ज्यादा वक्त लग गया। एक्ट के मौजूदा प्रावधानों के कारण अधिसूचना का वक्त खत्म हो गया था। सिंचाई विभाग एक्ट में सुझाव व आपत्तियां लेने का वक्त छह माह से बढ़ाकर डेढ़ साल करने प्रस्ताव कैबिनेट में रखा था। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले
– 2005 से पूर्व के अंशकालिक, कार्यप्रभारित व दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पेंशन का नहीं मिलेगा लाभ
– उपनल के स्थायी कर्मियों को सातवां वेतन का लाभ
– विभागाध्यक्षों को पांच लाख तक के चिकित्सा प्रतिपूर्ति व अन्य वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार
– उत्तराखंड आबकारी नीति में बदलाव, ई टेंडर होंगे
– होम स्टे योजना में सब्सिडी, बिजली, पानी, हाउस टैक्स आवासीय दरों पर
– पैरा मेडिकल में प्रवेश को संयुक्त परीक्षा
– डीबीटीएल के जरिए एनसीईआरटी पुस्तकों का पैसा छात्रों के खाते में
– उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में संशोधन
– लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों का वेतन बढ़ा। अध्यक्ष का वेतन अब 2.25 लाख
– ब्रिडकुल कर्मियों को सातवां वेतनमान

अन्य फैसले
एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड को फ्लैट बेचने की मंजूरी, रायपुर में बनाए गए राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का संचालन करने वाली कंपनी को 2.8 एकड़ जमीन, चकबंदी किए गए क्षेत्र में 3.125 एकड़ से कम भूमि क्रय करने के प्रतिबंध समाप्त, डिजिटल इंडिया के तहत राइट वे नीति को मंजूरी, उत्तराखंड भाषा संस्थान विधेयक में संशोधन, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वैयिक्तक सहायक नियमावली को मंजूरी, सैन्य कैंटीनों में असेसमेंट फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी, महाधिवक्ता कार्यालय अधिष्ठान नियमावली में संशोधन, अब विज्ञप्ति की अंतिम तिथि तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन, राज्यपाल अभिभाषण व बजट में संशोधन के लिए सीएम को अधिकृत किया, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में अब अध्यक्ष के साथ सिर्फ एक सदस्य, उत्तराखंड अधीनस्थ अभियंता सिंचाई विभाग सेवा नियमावली, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिनियम 2012 में संशोधन, मध्याहन भोजन अक्षय पात्र को भूमि आवंटन को जिलाधिकारी को अधिकार, 2.5 एकड़ भूमि 100 रुपये प्रति एकड़ सालाना की दर से, उत्तराखंड भू सर्वेक्षण एवं अभिलेख प्रक्रिया में कार्यरत कर्मचारी सेवा नियमावली, भूमि अर्जन अमीन व भूमि अध्याप्ति निरीक्षक सेवा नियमावली,नैनीताल लवार डोबा गोनियारो में बीएसएनएल को 300 वर्ग मीटर में निशुल्क भूमि, इन्वेस्टमेंट समिट को सीआईआई को पार्टनर, आबकारी अधिनियम की धारा तीन में संशोधन, गोवंशीय एवं महेशवंशीय पशु प्रजनन अधिनियम 2018 को मंजूरी, अनअनुदानित प्रवेश शुल्क निर्धारण अधिनियम में संशोधन, राष्ट्रीय विधि विवि अधिनियम 2011 में संशोधन, दून विवि अधिनियम 2004 में संशोधन, पेट्रोलियम विवि अधिनियम में संशोधन।

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