आग से निपटने के लिए दून वन प्रभाग मुस्तैद


देहरादून। संवाददाता। गर्मी का मौसम आते ही वनों को आग से बचाने की चुनौती बढ़ जाती है। इसके लिए दून वन प्रभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। साथ ही आग संभावित क्षेत्रों में वन आरक्षी मुस्तैद कर दिए गए हैं।
गर्मी शुरू हो चली हैं। इस मौसम में वनों में सूखी घास अधिक मात्रा में जमा होने लगती है। जिससें आग लगने का खतरा बढ़ जाता हैं। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए दून वन प्रभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। दून वन प्रभाग के एसडीओं विनय रतूड़ी ने बताया कि आशा रोड़ी चैक पोस्ट और झाझरा में वन क्षेत्र ज्यादा है।

इन क्षेत्रों में गर्मी आते ही आग का खतरा बढ़ जाता है। जिनसे निपटने के लिए फायर लाईन को पूरी तरह से साफ कर लिया गया है। फायर लाइन वनों का वो हिस्सा होता है, जो वनों में रास्ते के साथ ही उन्हें बांटने का काम करती है। इससे ये फायदा होता है यदि किसी एक स्थान पर आग लगती है, तो आग उससे आगे नहीं बढ़ पाती है। यदि आग तीव्र गति से लग रही है तो फायर ब्रिगेड का वाहन वहां आसानी से पहुंच सकता है। साथ ही प्रत्यके बीट पर वन कर्मी मौजूद कर दिए गए हैं। जिन्हें वनों में होने वाली किसी भी तरह की घटना क्षेत्रवासियों से मिलती रहती है। वो तुरंत फोन या वाॅयरलेस के जरिये सूचना को आगे प्रसारित कर देते हैं।

जिससे तुंरत उस स्थान पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया जा सकता है। आग को रोकने में जितनी अहम भूमिका क्षेत्रिय लोगों की होती है। उससे कहीं ज्यादा फायर वाॅचर की होती है। जिसकी सूझबूझ से तुंरत आग पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा वन क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए विभागीय सूचना पट लगे होते हैं। जिन पर साफ लिखा होता है कि आगे वन क्षेत्र है कृप्या धुम्रपान का इस्तेमाल न करे। वनों में किसी भी तरह की अग्नि संबंधित सामाग्री न लेकर जाये। वाॅयरलेस के साथ मुस्तैद वनकर्मी संबंधित रेंजर को तुरंत किसी भी घटना की जानकारी देकर सहयोग ले सकता है। आग पर काबू पाने के लिए वन कर्मियों को खास तरह के जूते और कपडे़ भी मुहैया कराये जाते हैं।

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