उत्तराखंडः सात जिलों में आंधी का खतरा, ओलावृष्टि व तूफान की आशंका


देहरादून। दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आए तूफान का हवाई सेवाओं पर जबरदस्त असर पड़ा। दिल्ली में तूफान के कारण जौलीग्रांट हवाई अड्डे की चार उड़ानों को रद करना पड़ा। इसके अलावा तूफान के चलते यहां चार विमानों की आपात लैंडिंग भी करानी पड़ी। उधर, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बदरीनाथ यात्रा साढ़े तीन घंटे रोकनी पड़ी। रविवार दोपहर बाद चारों धामों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मौसम सर्द हो गया। मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तराखंड के सात जिलों में तूफान की चेतावनी दी है।

सात जिलों में आ सकता है तूफान

मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और यूएसनगर जिलों के लिए तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि गढ़वाल क्षेत्र में रविवार शाम से ओलावृष्टि व तूफान की आशंका है। कुमाऊं के लिए देर रात से अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की गई है। राज्य आपदा कंट्रोल रूम से सभी जिलाधिकारियों को जारी अलर्ट में तूफान की स्थिति में राहत बचाव को तत्पर रहने को कहा है। तूफान के दौरान 70 से 90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

लामबगड़ में भूस्खलन के बाद रोके यात्री

लामबगड़ में रविवार दोपहर ढाई बजे पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के बाद प्रशासन ने जोशीमठ और पांडुकेश्वर में यात्रियों की करीब तीन सौ गाड़ियों को रोक दिया। देर शाम भूस्खलन रुकने के बाद यात्रियों को भेजा गया।

डेढ़ घंटे फंसे रहे यमुनोत्री आने-जाने वाले यात्री

दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर नैनबाग में बद्रीपुल के पास तूफान के कारण एक भारी-भरकम पेड़ सड़क पर गिर गया। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी। घटना की सूचना पर पहुंची नैनबाग पुलिस ने जेसीबी की मदद से पेड़ को हटवाया। करीब डेढ़ घंटे बाद ही आवाजाही बहाल हो सकी।

कुमाऊं में तेज हवा के साथ बारिश

कुमाऊं में रविवार देर शाम पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल समेत कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। नैनीताल में देर शाम तेज आंधी शुरू हो गई। बागेश्वर में बारिश के साथ ओले गिरे।

हार्ट अटैक से तीन यात्रियों की मौत

केदारनाथ यात्रा पर जा रहे दो तीर्थयात्रियों की गौरीकुंड और जंगलचट्टी के पास हार्ट अटैक से मौत हो गई। नेमी चन्देल (63) अजमेर, राजस्थान और हीरालाल (55) उज्जैन मध्य प्रदेश के निवासी थे। केदारनाथ यात्रा शुरू होने से अब तक करीब 11 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। उधर, कर्णप्रयाग के पास लंगासू में शनिवार शाम छत्तीसगढ़ के एक यात्री दशरथ साहू निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़ की मौत हो गई।

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