इन 10 कारणों से भाजपा ने तोड़ी महबूबा से दोस्ती

नई दिल्ली/श्रीनगर: भाजपा ने आज जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार से रिश्ता तोड़ लिया है। साथ ही भाजपा ने राज्य में राज्यपाल शासन की मांग की है। भाजपा का कहना है कि राज्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और महबूबा ठोस कदम नहीं उठा रही, हालांकि केंद्र ने राज्य सरकार को पूरी मदद दी। भाजपा ने सीमा पार से आतंकी गतिविधियों, पाकिस्तानी सैनिका की फायरिंग और विपक्ष के तीखे हमलों के मद्देनजर पीडीपी से अलग होने का बड़ा फसाला लिया। महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। इससे पहले भाजपा के मंत्रियों ने अपना इस्तीफामुफ्ती को सौंपा।

इन 10 कारणों से भाजपा ने तोड़ी महबूबा से दोस्ती

भाजपा नेता राम माधव ने प्रैस कॉन्फ्रैंस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह साथ राय के बाद ही गठबंध खत्म करने का फैसला लिया गया है। माधव ने महबूबा मुफ्ती पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा का साथ नहीं दिया, घाटी व लद्दाख में विकास में बाधा भी डाली। इतना ही नहीं मुफ्ती ने मंत्रियों को भी कामकाज नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में शांति स्थापित करने के लिए महबूबा को मुख्यमंत्री बनाया था लेकिन वे इसे कायम नहीं कर पाईं।

  • जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए महबूबा मुफ्ती को राज्य को कमान सौंपी गई थी लेकिन वे हालात नहीं संभाल पाईं।
  • राज्य के तीन क्षेत्रों-जम्मू, लद्दाख और कश्मीर क्षेत्र के समान विकास के लिए केंद्र ने कोशिश की। पर महबूबा सरकार द्वारा जम्मू क्षेत्र के साथ भेदभाव किया गया।
  • राज्य में एक बड़े पत्रकार की हत्या हो गई पर राज्य सरकार चुप रही।
  • राज्य में आतंकवादी गतिविधियां काफी बढ़ गई थीं। घाटी में स्थिति खराब हो गई है।
  • महबूबा ने भाजपा और केंद्र सरकार के काम में अड़ंगा डालने की कोशिश की।
  • घाटी में प्रेस की आजादी भी खतरे में।
  • रमजान के दौरान केंद्र सरकार ने शांति बहाली के लिए राज्य में सीजफायर किया था। पर इसमें भी मतभेद थे।
  • महबूबा मुफ्ती भाजपा नेताओं के साथ तालमेल नहीं बना पाई।
  • सीमा पार से भी फायरिंग में इजाफा हुआ।
  • केंद्र महबूबा सरकार के फैसलों और उसके कामकाज से खुश नहीं थी।

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