मुख्यमंत्री के साथ त्रिवेंद्र रावत मेरे मित्र भी हैंः अमित शाह


देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुटबाज नेताओं को इशारों में कई संकेत दे दिए हैं। उन्होंने भरे मंच से कहा कि मुख्यमंत्री के साथ-साथ त्रिवेंद्र रावत मेरे मित्र भी हैं। शाह की यह घुट्टी एक तरह से गुटबाज नेताओं को लिए साफ इशारा भी माना जा रहा है। भाजपा सोशल मीडिया वॉलेंटियर्स मीट में रविवार को जब शाह ने अपना संबोधन शुरू किया तो उन्होंने मंचासीन नेताओं के नाम भी पुकारे। जब उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का नाम लिया तो साथ में यह भी जोड़ा कि त्रिवेंद्र उनके परम मित्र भी हैं। एक तरह से यह संकेत भी दिया कि ऐसे नेता सिर्फ अपने कामकाज और संगठन की मजबूती पर ध्यान दें। किसी तरह की गलत हरकत ठीक नहीं होगी। पांच दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जब दून आए थे, तो उन्होंने ने भी राज्य के विकास के कार्यों के लिए सीएम त्रिवेंद्र की तारीफ कर पीठ थपाई थी। निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी मुखिया शाह के इस इशारे से त्रिवेंद्र का मनोबल और बढ़ेगा।
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ज्यादा वोट वाले निर्दलीयों पर डोरे
पिछले विधान सभा चुनावों में निर्दलीय चुनाव लड़े ऐसे नेताओं पर भी भाजपा डोरे डाल सकती है जो पांच हजार से अधिक वोट लेने में सफल हुए थे। पार्टी ने इनकी सूची बनाकर भी शाह को दी है। लोकसभा चुनावों में कहीं कोई चूक न रहे लिहाजा ऐसे जनाधार वाले नेताओं को सूचीबद्ध किया है। इनकी संख्या 32 बताई है। वहीं, पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले और 10 हजार से ज्यादा वोट पाने वालों की सूची तैयार की है। निकट भविष्य में पार्टी दो-तीन को छोड़ ज्यादात्तर को अपने पाले में लाने पर विचार कर सकती है।
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कमजोरी देख खून खौलता है
शाह वॉलेंटियर्स मीट में कहा कि साइबर मीडिया पर दूसरे दलों की पहुंच की खबर सुनते ही उनका खून खौल उठता है कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। कहीं हमारी कमजोरी के कारण तो ऐसा नहीं हो रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बीते चार साल में एक भी छुट्टी नहीं ली। ऐसे में हम कैसे आराम कर सकते हैं। कहा कि भले ही चार साल में सारे काम न हुए हैं लेकिन कार्यकर्ता निराश न हों, आखिर 70 साल का कचरा साफ करने में समय तो लगता ही है।

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