गौरीकुंड ओर तृप्तकुंड लाया जायेगा पुराने स्वरूप में


देहरादून। संवाददाता। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के विधानसभा क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सीएम ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते रुद्रप्रयाग और थराली विधानसभा की समीक्षा नहीं हो र्पाइ, जिसके लिए अब अलग से तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौरीकुंड और तृप्तकुंड को उसके पुराने स्वरूप में लाया जायेगां

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद के विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा की। इसमें मुख्यतः मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया गया कि बदरीनाथ विधानसभा की 24 घोषणाओं की समीक्षा की गई। जिसमें से दो पूर्ण हो चुकी हैं, 19 पर कार्य चल रहा है और शेष पर शीघ्र कार्रर्वाइ करने के निर्देश दिये गये हैं। कर्णप्रयाग विधानसभा में की गई घोषणाओं में से 20 पर कार्य गतिमान है, शेष शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में 07 घोषणाओं पर कार्य गतिमान है।

इससे पहले बैठक में मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को विभिन्न विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

गौरीकुंड में तप्त कुंड को लाया जाएगा उसके पुराने स्वरूप में

केदारनाथ विधानसभा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरीकुंड में तप्त कुंड को उसके पुराने स्वरूप में बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग इसका निर्माण करेगी। गर्म जलधारा का स्वरूप प्राचीन ही रहे, इसके लिए कन्सलटेंट एजेंसी की राय ली जाए। बता दें कि साल 2013 की आपदा के दौरान यह तप्त कुंड बह गया था। ऊखीमठ और गुप्तकाशी में पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वे हो चुका है, डीपीआर बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। वहीं, लदौली में आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की कार्रर्वाइ जल्द शुरू की जाएगी।

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