उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को मिले अवसर

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के कार्यकर्ताओं ने सभी खेल एसोसिएशन उत्तराखण्ड के मूल खिलाड़ियों की उपेक्षा को लेकर खेल मंत्री अरविंद पाण्डेय को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से उत्तराखण्ड के योग्य खिलाड़ियों को प्रत्यके खेल में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है।
आंदोलनकारी मंच से जुडे़ कार्यकर्ताओं ने बताया कि राज्य गठन को 18 साल हो चुके हैं। इसके बावजूद भी खेल संघों द्वारा जो टीमें चुनी जाती हैं, उसमें उत्तराखण्ड के मूल खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है। योग्यता होने के बावजूद उनके साथ भेदभाव किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी मुश्किल से क्रिकेट को मान्यता मिली है। ऐसे में रणजी टीम में कुछ बाहरी खिलाड़ियों का चयन किया गया है। जिससें मूल खिलाड़ियों की भावनाये आहत हुई हैं। कहा कि जो खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेल रहे थे। उन्हें यहां जगह नहीं मिलनी चाहिए। यदि रणजी टीम में राज्य के मूल खिलाड़ी टीम में शामिल होते हैं।
तो ऐसे में उन्हें आगे बढ़ने और अपना हुनर दिखाने का ज्यादा मौका मिलेगा। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यदि उन्हें जरूरी संसाधन और अच्छे कोच मुहैया कराये जाएंगे तो निश्चित ही उनका प्रदर्शन प्रंशसनीय होगा। उन्होंने सभी खेलों में चयन समितियों द्वारा इसी तरह चयन किए जाने की मांग की है। साथ ही कहा कि राज्य के प्रत्येक खेल में खिलाड़ी और स्टॉफ स्पोटिंग मूल रूप से उत्तराखण्ड का ही होना चाहिए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी, महामंत्री रामलाल खंडूरी, जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, सतेंद्र भंडारी, पवन शर्मा, मनोज ध्यानी आदि मौजूद रहे।

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