डामटा बस हादसाः घायल ‘फौजी’ बना घायलों के लिए ’देवदूत’


बड़कोट। डामटा के निकट हुए दर्दनाक बस हादसे में छुट्टियां समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर जा रहे बसराली गांव निवासी सेना का जवान चैन लाल ने गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी अपना पूरा फर्ज निभाया। उन्होंने बस दुर्घटना में घायल लोगों को ढाढस तो बंधाया ही साथ ही बस के नीचे दबे तीन घायलों को भी किनारे निकाला। इतना ही नहीं जब तक पुलिस की रेस्क्यू टीम व स्थानीय लोग घटना स्थल पहुंचे वह घायलों की पूरी मदद करते रहे।

रविवार को जानकीचट्टी से वाया विकासनगर होते हुए देहरादून जा रही एक बस डामटा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में चालक समेत 28 लोग सवार थे। जिसमें 13 की घटना स्थल तथा एक डामटा अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनको पुलिस एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर खाई से बाहर निकाल लिया। लेकिन इस दुर्घटनाग्रस्त बस में एक सेना का जवान चैन लाल पुत्र गबरु लाल भी सवार था। जिसने घायल अवस्था में होने के बाद भी अपने अदम्य साहस का परिचय दिया और दुर्घटना में घायल हुए लोगों का हौसला बढ़ाया। पहाड़ी से करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिरी बस यमुना नदी में जा गिरी। जिसमें चैन लाल भी दुर्घटनाग्रस्त बस में यमुना नदी तक बस के साथ ही गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। लेकिन उसके बाद भी चैन लाल ने हिम्मत नहीं हारी और घायल अवस्था में ही सेना के जवान ने इधर उधर पड़े घायलों को एक जगह लाया। वहीं तीन लोगों को बस में परखच्चों के नीचे दबे पड़े देख उनको किसी तरह निकालकर किनारे किया।

घायल चैन लाल ने बताया जब बस गिरकर नदी तट पर पहुंची तो उसे अपने घायल होना सब भूल गया और अन्य घायलों को देखकर पसीज गया। अपना दर्द भूल कर वह घायलों को समेटने लगा और उन्हें ढाढस बंधाया है कि चिंता मत करो रेस्क्यू टीम जल्दी ही पहुंचकर उन्हें सुरक्षित हॉस्पिटल में पहुंचाएंगे। सेना के इस जवान की हिम्मत देख अन्य घायलों में भी हिम्मत आई और रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक अपनी सांस को रोके रखा। चैन लाल ने बताया कि वह सेना में भटिंडा पंजाब में तैनात हैं। जो छुट्टियां काटकर ड्यूटी के लिए जा रहा था। स्थानीय लोगों ने भी सेना के इस जवान की बहादुरी की सराहना की और उनके स्वास्थ्य जीवन की कामना की।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *