निकाय के बाद भाजपा मिशन लोकसभा की तैयारी में जुटी


देहरादून। संवाददाता। प्रदेश भाजपा अब 2019 की तैयारियों में जुट चुकी है। निकाय चुनाव के दौरान और चुनाव परिणाम के बाद की स्थितियों तथा सरकार व संगठन के बीच तकरार को भाजपा हाईकमान द्वारा गम्भीरता से लिया गया है। पार्टी को नुकसार पहुंचाने वाली घटनाओं को रोकने तथा आपसी मतभेदों को मिटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल के प्रयास तेज कर दिये है।

अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री इस बात के संकेत दिये है कि राज्य में खाली पड़े दो मंत्रियों के पदों को शीघ्र भरा जायेगा। मंत्रिमण्डल में होने वाले इस फेरबदल में न सिर्फ डेढ़ साल से खाली दो पदों को भरा जायेगा बल्कि अच्छा काम करने वाले मंत्रियों की पदोन्नोति भी की जायेगी। यही नहीं लम्बे समय से की जा रही दायित्वों के बंटवारे की मांग को अब अधिक समय तक लम्बित नहीं रखा जायेगा।

सरकार से ऐसे संकेत दिये गये है कि विधान सभा के शीतकालीन सत्र के बाद लगभग दो दर्जन पदाधिकारियों को उत्तरदायित्वों का बंटवारा कर दिया जायेगा।मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और वित्त मंत्री प्रकाश पंत दिल्ली में है। गैरसैंण के मुद्दे पर अभी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के बीच जो तकरार देखने को मिली तथा निकाय चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं की बगावत देखी गयी उसे पार्टी हाईकमान भविष्य के लिए एक गम्भीर खतरे के रूप में देख रही है। यही कारण है कि अब भाजपा ने असंतुष्ट और नाराजों को खुश करने के लिए उन्हे जल्द जिम्मेदारियां सौंपने की रणनीति बनाई है।

मंत्रिमण्डल में डेढ़ साल से दो मंत्री पद खाली पड़े है जबकि इन्हे भरे जाने को लेकर विधायकों में भारी अंसतोष है। केन्द्र से इसके लिए हरी झंडी दे दी गयी है। संभावना है कि सत्र की समाप्ति के बाद यह खाली पड़े दो मंत्री पद भर दिये जायेगें। संतुलन बनाये रखने के लिए दोनें मंडलों से एक एक विधायक को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत व राज्यमंत्री रेखा आर्य की सक्रियता उन्हे पदोन्नती दिला सकती है। अभी बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी इस मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके है। राज्य के विभिन्न आयोगों में जो अध्यक्ष उपाध्यक्ष के पद खाली पड़े है उन्हे आम चुनावों से पहले दायित्वों का बंटवारा कर भरा जायेगा। इस प्रयास से भाजपा डैमेज कंट्रोल में कितना सफल हो पाती है यह अलग बात है लेकिन मंत्री बनने व दायित्व के मिलने का इतंजार कर रहे नेताओं की इंतजार की घड़ियां अब समाप्त होने वाली है।

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