ओएनजीसी ने डॉ अंबेडकर को 63वें महापरिनिर्वाण पर नमन किया


देहरादून। संवाददाता। ओएनजीसी मुख्यालय तेल भवन में भारत रत्न डॉ बीआर अंबेडकर के 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। ओएनजीसी और अलहिल भारतीय अनुसूचित जाति, जन जाति कर्मचारी कल्याण समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ (सुश्री) स्वराज विद्वान उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्धवंदना के साथ हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों नें डॉ बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हे श्रद्धांजली अर्पित किये। मुख्य अतिथि डॉ (सुश्री) स्वराज विद्वान नें बाबा साहब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ अंबेडकर महा मानव थे और विश्व नें उन्हे ज्ञान का प्रतीक माना। डॉ अंबेडकर नें अपने जीवन में विषमताओं और अभाओं का सामना किया था, परंतु उन्होने कभी हार नहीं मानी। डॉ अंबेडकर कानून और अर्थशास्त्र के विद्वान थे, उन्हांेने मजदूरों, महिलाओं, शोषितों के उत्थान के लिए महान कार्य किए। वह जन जन के नेता व आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में प्रतिष्ठित हुए। डॉ विद्वान नें बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस मनाने के लिए ओएनजीसी को बधाई दी। साथ ही जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए।

इस अवसर पर डॉ जौहरी लाल ने कहा कि ओएनजीसी के समस्त कार्यकेन्द्रों मंे डॉ अंबेडकर के चित्र लगे हुए हैं जो बाबा साहब के प्रति ओएनजीसी के सम्मान को व्यक्त करता है। उन्हांेने कहा कि हमे खुद को शक्तिशाली बनाते हुए बाबा साहब के मार्ग पर चलते हुए उनके मिशन को आगे ले जाना चाहिए। कार्यकारी निदेशक प्रीता पन्त व्यास नें भी डॉ अंबेडकर के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की चर्चा करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बैज नाथ नें भारत रत्न डॉ बी आर अंबेडकर के संघर्ष का विहंगम दृश्य प्रस्तुत किया और संसार में बाबा साहब को मिल रहे सम्मान की सउदाहरण चर्चा की और उन्हे भारतीय संविधान का वास्तीविक निर्माता बताय। इस दौरान तारा चंद, राजेंद्र राज, अजय सिंह रावत, अजय शर्मा, डॉ बी प्रवीन, हरी लाल, दीपक कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।

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