विधानसभा सत्र में गरमाया गैरसैंण राजधानी का मामला

देहरादून। विधानसभा सत्र के चैथे व अंतिम दिन भी विपक्ष के सरकार पर हमले जारी रहे। विपक्ष के तीखे सवालों से बौखलाये भाजपा नेताओं ने भी आज सदन में जमकर हंगामा किया जिससे विधानसभा अध्यक्ष भी नाराज दिखे
कांग्रेस आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर गैरसैंण के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग करने लगी। जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक देखने को मिली। कांग्रेस ने सरकार से सीधे सीधे सवाल किया।

सरकार राजधानी गैरसैंण पर अपना नजरिया प्रदेश के लोगों के सामने रखे। नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार मेें बैठे मंत्री कुछ कहते है और भाजपा संगठन के नेता कुछ कहते है। जिसके कारण लम्बे समय से स्थिति भ्रम वाली बनी हुई है। उन्होने कहा कि सरकार को चाहिए कि गैरसैंण को किस तरह की राजधानी बनाना चाहती है इस मुद्दे पर उसे अपना मत स्पष्ट करना चाहिए। विपक्ष के इस सवाल के जवाब में भाजपा गैरसैंण में अवस्थापना कार्य पूरे होने पर सर्वसम्मति से निर्णय लेने की बात करती दिखी।

भाजपा के कुछ विधायकों ने उल्टे कांग्रेस पर ही सवाल दागने शुरू कर दिये कि उन्होने अपने कार्यकाल में कभी क्यों नहीं बताया कि वह गैरसैंण में कैसी राजधानी चाहती है। इस बहस के कारण इतना शोर शराबा हुआ कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कई बार विधायकों को शंात रहने की अपील करनी पड़ी लेकिन हंगामा नहीं थमा तो वह भी नाराज दिखायी दिये और विधायकों के आचरण पर आपत्ति जताई।

इसके अलावा आज सदन में विपक्ष द्वारा गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का भी सवाल उठाया कि उनका भुगतान कब तक और कैसे किया जायेगा। विपक्ष ने एनआईटी श्रीनगर को शिफ्ट करने पर सरकार को घेरा व सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं और गोवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण पर सवाला पूछे।

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