विधि विरोधी बालक को दस साल का कारावास


बागेश्वर। बाल सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने बाल विरोधी एक बालक को 10 साल की सजा से दंडित किया है और विभिन्न धाराओं में 25 हजार रुपये का अर्थदंड देने के आदेश भी पारित किए हैं। विधि विरोधी बालक को बाल सुधार केंद्र रोशनाबाद, हरिद्वार भेजा जाएगा।

धरमघर सिमगढ़ी क्षेत्र से 15 साल की एक बालिका स्कूल से 29 नवंबर 2017 को एकाएक गायब हो गई। उसके पिता ने तीन दिसंबर 2017 को कमेड़ी देवी पुलिस चैकी में गुमशुदगी दर्ज कराई। सीओ महेश चंद्र जोशी ने मामले की विवेचना की। विधि विरोधी बालक पीड़िता को लेकर उस बीच मुंबई चला गया और उसके वहां से लौटते समय एसआई पूरन चंद्र जोशी ने 17 दिसंबर 2017 को विधि विरोध बालक उम्र साढ़े 17 साल और पीड़िता को कांडा टैक्सी स्टैंड के समीप गाड़ी का इंतजार करते हुए दबोचा।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आविद हसन और लोक अभियोजन पोक्सो खड़क सिंह कार्की ने आठ गवाह बाल सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। बाल सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने विधि विरोधी बालक को दस साल की सजा और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। उसे बाल सुधार केंद्र रोशनाबाद हरिद्वार भेजने और सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश पारित किए। 21 साल की उम्र पूरी होने पर विधि विरोधी बालक को किसी भी कारागार में स्थानांतरित किया जा सकेगा।

इन धाराओं में हुई सजा

-376 में दोष सिद्ध

-366 में 5 साल की सजा, 1000 रुपये का अर्थदंड

-363 में 3 साल की सजा, 1000 रुपये का अर्थदंड

-पोक्सो में 10 साल की सजा, 20,000 रुपये का अर्थदंड

-एससीएसटी में 1 साल की सजा, 1000 रुपये का अर्थदंड

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *