वेद सम्मेलन राष्ट्र संस्कृति के हित में सराहनीय पहल

देहरादून। संवाददाता। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने विकास नगर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में राष्ट्रीय वेद सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि वेदों के प्रचार-प्रसार अध्ययन व अनुसन्धान हेतु दो दिवसीय वेद सम्मेलन राष्ट्र संस्कृति के हित में सराहनीय पहल है।

अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक युग में वेदों के आध्यात्मिक, धार्मिक तथा वैज्ञानिक महत्व को जनमानस के समक्ष प्रस्तुत करना है।उन्होंने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन में वेदों के ज्ञाता विश्व शांति और सद्भाव के लिए चारों वेदों का पाठ करेंगे। यह कार्यक्रम अपने आप में विशेष है जिसका लाभ यहाँ पर उपस्थित सभी लोगों को इन दो दिनों के अंतर्गत अवश्य मिलेगा।

अग्रवाल ने कहा कि शास्त्रों को 2 भागों में बांटा गया है- श्रुति और स्मृति। श्रुति के अंतर्गत धर्मग्रंथ वेद आते हैं और स्मृति के अंतर्गत इतिहास और वेदों की व्याख्या की पुस्तकें पुराण, महाभारत, रामायण, स्मृतियां आदि आते हैं। हिन्दुओं के धर्मग्रंथ तो वेद ही हैं। वेदों का सार उपनिषद है और उपनिषदों का सार गीता है। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए हुए वेदों के विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा है कि वेदों में ब्रह्म (ईश्वर), देवता, ब्रह्मांड, ज्योतिष, गणित, रसायन, औषधि, प्रकृति, खगोल, भूगोल, धार्मिक नियम, इतिहास, संस्कार, रीति-रिवाज आदि लगभग सभी विषयों से संबंधित ज्ञान भरा पड़ा है।

उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में रचित वेद-पुराण, उपनिषद, रामायण और भगवद्गीता जैसे महाग्रंथों में निहित ज्ञान-विज्ञान की समृद्धि के कारण ही भारत विश्वगुरु बना। हमारी विशिष्ट सभ्यता, संस्कृति तथा शिक्षा से ही हमारी भारतीयता कायम है।आज के युग में वेदों की प्रसंगिकता पर उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक संस्कृति व परंपराओं का आधार माने जाने वाली संस्कृत भाषा को उत्तराखंड में प्रत्येक स्तर पर विकसित देखना चाहता हुं जिसके लिए वे हर संभव प्रयास भी करेंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत, नगर पालिका विकासनगर की अध्यक्ष शांति ज्वाठा, राष्ट्रीय वेद सम्मेलन के मुख्य आयोजन आचार्य सुनील पैन्यूली, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति पियूष कांत दिक्षित, मार्तंड वेद विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष ललित गुप्ता, जगदीश प्रसाद जोशी, रमेश सेमवाल, प्रेमचंद जैन, नारायण सिंह, डॉ ब्रिजलाल संतोषी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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