उत्तराखंड ने मेघालय को हराकर हासिल की सबसे बड़ी जीत

-राघवी ने खेली 124 गेंदों में 127 रनों की पारी
-बीसीसीआई की महिला अंडर-23 वन डे लीग
-मेघालय को 38 रनों पर समेट कर 237 रनों से जीत दर्ज की


देहरादून। संवाददाता। उत्तराखंड ने मेघालय को 237 रनों से हराकर बीसीसीआई की महिला अंडर-23 लीग में अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में लगातार पांच मैच जीत कर 20 अंकों के साथ उत्तराखंड की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीम के लिए प्रवल दावेदार मानी जा रही है। बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर के विकास क्रिकेट ग्राउंड में उत्तराखंड का मुकाबला मेघालय के साथ खेला गया।

टॉस जीतकर उत्तराखंड ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। पहले खेलने उतरी उत्तराखंड की टीम ने राघवी की नाबाद शतकीय पारी 127 रन व ज्योति गिरी के 48 रनों की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट पर 275 रनों का स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए अन्य बल्लेबाज नीलम ने 34, कंचन ने 23 व मेघा सैनी ने 17 रनों का योगदान दिया। मेघालय की ओर से डी दत्त ने तीन विकेट अपने नाम किए। जवाब में उतरी मेघालय की टीम महज 38 रनों पर ढेर हो गई और मुकाबला 237 रनों के विशाल अंतर से हार गई। टीम के लिए कोई भी खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा छुने में असफल रही। चार बल्लेबाज शून्य के स्कोर पर चलते बने। पूरी टीम ने 23 ओवर खेल कर 38 रन ही बनाए। वहीं, उत्तराखंड की गेंदबाज पूजा राज ने छह ओवर में केवल 10 रन देकर पांच सफलता हासिल की। जबकि निशा मिश्रा ने छह ओवर में छह रन देकर तीन विकेट चटकाए।

ज्योति और राघवी की शतकीय साझेदारी
उत्तराखंड के 52 रनों पर दो विकेट गिर जाने के बाद क्रीज पर उतरी राघवी और ज्योति गिरी ने ना केवल पारी को संभाला बल्कि सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी कर एक बड़ी स्कोर की नींव रखी। हालांकि ज्योति 48 रन बनाकर डी दत्त की गेंद पर बोल्ड हो गई। जबकि राघवी 127 रनों पर नाबाद पवेलियन लौटी।

लागातार पांचवीं जीत
टूर्नामेंट में इस जीत के साथ उत्तराखंड ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उत्तराखंड पांच मैचों में 20 अंकों के साथ अपने ग्रुप में पहले स्थान पर कामय है। इसके अलावा उत्तराखंड टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की संभावना और बढ़ गई है। आज पंाचवां धाम भी मिल गया और कितना विकास चाहिए-धन्यवाद पीएम साहब जब सैनिक व पूर्व सैनिक ईवीएम पर कमल का बटन दबायेंगे तो देवभूमि में पंाचवा धाम नजर आयेगा-मेरा चश्मा कहां हैं।

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