उत्तराखंड; लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे 52 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त, आदेश जारी


देहरादून। स्वास्थ्य विभाग में लंबे अरसे से गैरहाजिर चल रहे 52 डॉक्टरों की सरकार ने सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शासन ने चिकित्सकों के त्यागपत्र स्वीकार करते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। अब इन रिक्त पदों पर नए चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा की ओर से जारी आदेश के अनुसार 11 जिलों में गैरहाजिर 52 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त की गईं हैं। वर्ष 2003, 2004, 2012 और 2016 में उक्त डॉक्टरों को नियुक्ति दी गई थी।

लेकिन नियुक्ति के बाद से गैरहाजिर चल रहे हैं। इसमें कुछ डॉक्टर अपना क्लीनिक चला रहे हैं। वहीं, कुछ निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस देने के बाद चिकित्सक वापस नहीं लौटे। हाल ही में शासन ने स्वास्थ्य महानिदेशक से गैरहाजिर डॉक्टरों की रिपोर्ट मांगी थी।

जिस पर कार्रवाई करते हुए शासन ने 52 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। जिसमें ऊधमसिंह नगर जनपद में तीन, अल्मोड़ा में पांच, उत्तरकाशी में तीन, पिथौरागढ़ में छह, रुद्रप्रयाग में छह, देहरादून में पांच, चंपावत में पांच, हरिद्वार में पांच, नैनीताल में सात, पौड़ी में पांच और बागेश्वर जनपद में दो डॉक्टरों की सेवाओं को समाप्त किया गया। बता दें कि राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में डॉक्टरों की कमी चल रही है।

सरकार के प्रयासों के बाद भी चिकित्सक अपने नियुक्ति स्थान से ड्यूटी से गायब हो रहे हैं। इसके खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए चिकित्सकों से त्यागपत्र लेकर उनकी सेवाएं की जा रही हैं।

इससे पहले भी 35 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने कहा कि 52 चिकित्सक सेवाएं देने के लिए नहीं थे। वहीं, लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण उन पदों पर नई नियुक्ति भी नहीं हो पा रही थी। अब सेवाएं खत्म करने से रिक्त पदों पर डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *