डोबरा-चांठी पुल का निर्माण हुआ पूरा ; प्रतापनगर के तीन लाख से ज्यादा लोगों का 14 साल का लंबा इंतजार खत्म होने की उम्मीद

अगले साल मार्च से शुरू होगी डोबरा-चांठी पुल से आवाजाही
टिहरी जिले के प्रतापनगर के तीन लाख से ज्यादा लोगों को होगा फायदा 

टिहरी : अगले साल मार्च से बरसों से लटके टिहरी को प्रतापनगर से सीधे जोड़ने वाले निर्माणाधीन डोबरा-चांठी पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। पुल के बन जाने से 14 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रतापनगर के लोगों का कालापानी खत्म हो जाएगा। डोबराचांठी पुल की सतह को आपस में जोड़ने का काम पूरा किया जा चुका है। रेलिंग और कोटिंग के बाद रोड सेफ्टी की एनओसी मिलने पर इस पर अगले साल मार्च तक लोगों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।बता दें कि प्रतापनगर वासियों की पीड़ा और डोबरा चांठी पुल की अहमियत को समझते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा था।

उन्होंने इसके लिए एकमुश्त बजट जारी किया था। सीएम डैशबोर्ड पर लोकनिर्माण विभाग की-परफोम्रेस इंडिकेटर में डोबराचांठी पुल भी प्रमुख ¨बदु रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इसके काम की प्रगति पर लगातार नजर रखी। पुल के पूरे होने की लगभग उम्मीद खो चुके प्रतापनगर के लोगों को अब विास हो गया है कि जल्द ही टिहरी आने जाने के लिए इस पुल का उपयोग कर सकेंगे। साल 2006 से भागीरथी नदी पर बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर और थौलधार को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।

टिहरी झील के ऊपर बनाया जा रहा डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य पूरा होने से तीन लाख से ज्यादा की आबादी को जिला मुख्यालय तक आने के लिए 100 किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। टिहरी आने वाले पर्यटक अब प्रतापनगर भी आ सकेंगे। आवागमन की सुविधा होने से क्षेत्र की आर्थिकी में भी इजाफा होगा। प्रतापनगर आने-जाने के लिए बने पुल टिहरी झील में डूब गये थे। इस वजह से प्रतापनगर के लोगों को नई टिहरी, देहरादून, ऋषिकेश आने-जाने की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मार्च 2020 तक पुल के बन जाने से प्रतापनगर के लोगों की आवागमन संबंधी कठिनाइयां समाप्त हो जाएंगी।

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