प्रधान के निर्विरोध चुनाव जीतने के बाद हुआ बहिष्कार


चंपावत। संवाददाता। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के कुछ अजूबे रंग दिख रहे हैं। चंपावत जिले में एक गांव में निर्विरोध जीतने वाले चुनाव प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। दरअसल गांव के जंगल में शहर का कूड़ा फेंके जाने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने ऐलान कर दिया था कि अगर नगर पंचायत कूड़ा फेंकना बंद नहीं करती तो पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। इस बीच एक महिला प्रत्याशी चुपचाप नामांकन भर आई और किसी और के मैदान में न उतरने की वजह से निर्विरोध जीत गई। हालांकि मतदान केंद्र खाली पड़े रहे।

 आमतौर पर माना जाता है कि चुनाव कोई भी हो जीत की ख़ुशी तो मिलती ही है और जश्न का बहाना भी लेकिन लोहाघाट के कलीगांव में प्रधान के निर्विरोध जीते जाने के बाद सारा गांव छला हुआ महसूस कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब पंचायत सदस्य ही नहीं हैं तो प्रधान किस काम का। आमतौर पर माना जाता है कि चुनाव कोई भी हो जीत की ख़ुशी तो मिलती ही है और जश्न का बहाना भी लेकिन लोहाघाट के कलीगांव में प्रधान के निर्विरोध जीते जाने के बाद सारा गांव छला हुआ महसूस कर रहा है. लोग पूछ रहे हैं कि जब पंचायत सदस्य ही नहीं हैं तो प्रधान किस काम का।

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