अल्मोड़ा। मोहान रेंज के सौराल क्षेत्र में बढ़ रही गुलदार की दहशत के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। ग्रामीणों की मांग पर लगाए गए पिंजरे में बीती रात एक गुलदार कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार रानीखेत–रामनगर स्टेट हाईवे से लगे सौराल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गुलदार की लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज करने के साथ पिंजरा लगाया था, जिसमें गुलदार फंस गया।
यह क्षेत्र कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) से सटे मोहान रेंज के अंतर्गत आता है और बाघ व गुलदार की गतिविधियों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इससे पहले 31 दिसंबर को मोहान रेंज के खोल्यों क्षेत्र में एक बाघिन ने 60 वर्षीय महिला को मार दिया था, जिसे बाद में रामनगर क्षेत्र में पकड़ लिया गया था।
घटना के बाद शावकों के साथ एक मादा गुलदार ने जीआईसी और प्राथमिक विद्यालय खोल्यों के आसपास डेरा जमा लिया था। एहतियात के तौर पर जीआईसी एक दिन और प्राथमिक विद्यालय तीन दिन तक बंद रखा गया था। वन विभाग ने लगातार गश्त और पटाखे छोड़कर उसे जंगल की ओर खदेड़ा था।
इसके बाद सौराल क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत थी। ग्रामीणों की मांग पर लगाए गए पिंजरे में आखिरकार गुलदार कैद हो गया। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण ने बताया कि गुलदार की उम्र करीब तीन से चार वर्ष आंकी गई है और उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए वन्यजीव चिकित्सालय अल्मोड़ा भेजा जा रहा है।

