अल्मोड़ा। पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बार फिर अपने सादगीपूर्ण व्यवहार और नियमों के प्रति सम्मान से लोगों का दिल जीत लिया। गुरुवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे वह मुख्यालय स्थित शहीद पार्क पहुंचे थे, जहां से उन्हें नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्र चौघानपाटा जाना था।
इस दौरान मार्ग पर वन-वे यातायात व्यवस्था लागू थी, जिसके कारण उनकी गाड़ी का आगे जाना संभव नहीं हो सका। स्थिति को देखते हुए पूर्व राज्यपाल ने किसी भी प्रकार की विशेष छूट लेने या नियमों के उल्लंघन से परहेज किया। उन्होंने अपनी गाड़ी वहीं रुकवाई और स्वयं उतरकर सड़क किनारे खड़े एक ई-रिक्शा में बैठ गए। इसके बाद वे आम नागरिकों की तरह ई-रिक्शा से चौघानपाटा पहुंचे।
पूर्व राज्यपाल को ई-रिक्शा में बैठा देख राहगीरों और स्थानीय लोगों में कौतूहल और प्रसन्नता का माहौल बन गया। कई लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदों पर रह चुके व्यक्तियों द्वारा नियमों का पालन किया जाना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि भगत सिंह कोश्यारी का यह व्यवहार आज के समय में प्रेरणादायक है, जब अक्सर वीआईपी संस्कृति के चलते नियमों की अनदेखी देखने को मिलती है। उनकी सादगी और अनुशासनप्रियता की चर्चा दिनभर नगर में होती रही और लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते नजर आए।

