हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गढ़मीरपुर में 18 जनवरी को गोली मारकर की गई लैब कर्मचारी की हत्या के मामले से पुलिस ने 339 दिन बाद पर्दा उठा दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी होमगार्ड अभिमन्यु निवासी ग्राम सकौती, गुरुकुल नारसन मंगलौर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महिला होमगार्ड को परेशान किए जाने के चलते लैब कर्मचारी की हत्या करना कबूल किया है।
मंगलवार को रानीपुर कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बहादराबाद स्थित एक पैथोलॉजी लैब में कार्यरत वसीम (21) पुत्र मुस्तकीम का शव 18 जनवरी को गढ़मीरपुर गांव में सड़क पर मिला था। अगले दिन शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से पूर्व धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार नहलाते समय परिजनों ने वसीम की कमर में छेद देखा, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें कमर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले में लंबे समय तक कोई ठोस सुराग न मिलने पर एसपी सिटी अब प्रताप सिंह को हत्याकांड के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई। रानीपुर कोतवाल शांति कुमार गंगवार, सीआईयू प्रभारी नरेंद्र बिष्ट और वरिष्ठ उप निरीक्षक नितिन चौहान की टीम ने नए सिरे से जांच करते हुए संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। इसी क्रम में सोमवार शाम आरोपी होमगार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका एक महिला होमगार्ड से प्रेम प्रसंग था और वसीम उसे परेशान करता था। इसी रंजिश में उसने वसीम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी लगातार उसकी रेकी कर रहा था। 18 जनवरी को जब वसीम लैब से लौट रहा था, तभी उसने तमंचे से उसकी पीठ में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी वारदात के लिए महिला होमगार्ड की स्कूटी मांगकर लाया था और उसी से घटनास्थल तक पहुंचा। हालांकि जांच में महिला होमगार्ड की किसी प्रकार की संलिप्तता सामने नहीं आई है। महिला अविवाहित है, जबकि आरोपी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

