देहरादून। चर्चित भू-माफिया दीपक मित्तल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। राजपुर थाना क्षेत्र में मित्तल के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी और गबन का नया मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि मित्तल ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक रीयल एस्टेट कम्पनी के खातों से धोखाधड़ी करते हुए करीब सात करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का गबन किया, और उसे अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर फ्लैटों की फर्जी बुकिंग में प्रयोग किया।
वादी आर्यन वालिया पुत्र राजपाल वालिया, निवासी रेसकोर्स, थाना डालनवाला, देहरादून ने राजपुर थाने में दी गई शिकायत में बताया कि उनके पिता की कीमती जमीन का सौदा दीपक मित्तल से हुआ था। मित्तल ने उन्हें भरोसे में लेकर अपनी कम्पनी पुष्पांजली रियल्म्स एंड इंफ्रा टेक में निदेशक और पार्टनर बना लिया। इस दौरान कंपनी की बड़ी धनराशि को कथित रूप से तीन लोगों के माध्यम से गबन किया गया।
ऐसे हुआ करोड़ों का गबन:
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मनीष गुप्ता (AMV डेवलपर्स) के साथ मिलकर ₹3.32 करोड़
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मनीष गर्ग के माध्यम से ₹2.47 करोड़
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विनिता गर्ग (मनीष गर्ग की पत्नी) के खाते से ₹1.71 करोड़
यह धन पहले निजी खातों में ट्रांसफर किया गया, फिर इन्हीं पैसों से फ्लैट खरीदने के नाम पर कम्पनी में पैसा वापस जमा किया गया। आरोपियों ने मिलीभगत से न केवल कम्पनी के पैसों का दुरुपयोग किया, बल्कि जिन लोगों ने फ्लैट बुक कराए, उन्हें आज तक फ्लैट नहीं दिए और उनकी जमा धनराशि को हड़प लिया।
पुलिस ने आर्यन वालिया की शिकायत की जांच के बाद धारा 406, 420 और 120बी IPC के तहत मु0अ0सं0ः 140/25 के रूप में मुकदमा दर्ज किया है।
पहले से दर्ज हैं 9 मुकदमे:
दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दीपक मित्तल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी कर दिया है, साथ ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की सभी औपचारिकताएं जिला स्तर से पूरी कर ली गई हैं।
पुलिस अब मित्तल की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की तैयारी में है।
जांच जारी है।

