बागेश्वर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जल्द ही केंद्र सरकार की एक टीम कुमाऊं क्षेत्र के आपदा प्रभावित गाँवों का दौरा करेगी और वहाँ हुए नुकसान का आकलन करेगी। यह टीम भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं की जांच भी करेगी। इस कार्य के लिए एनडीएमए और वाडिया इंस्टीट्यूट की टीमें भी भेजी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल 28 अगस्त को आए भीषण आपदा से भारी जानमाल की हानि हुई है और राज्य सरकार इसके आकलन में जुटी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार राहत और पुनर्वास कार्यों को गति दे रही है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
विधायक सुरेश गढ़िया जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करने में जुटे
मुख्यमंत्री ने शनिवार को पौसारी गाँव में आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान विधायक सुरेश गढ़िया जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करने में लगे रहे।
धारचूला-थराली क्षेत्र में भी भारी नुकसान
सीएम धामी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सीमा से लगे धारचूला और थराली क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। सड़कों के टूटने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। बिजली, पानी, चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं बाधित हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावित लोगों के साथ है।
“मैं आज केवल आपसे मिलने आया हूं”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यहां किसी औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि केवल आपसे मिलने और आपका हाल जानने आया हूं।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी हर संभव मदद करेगी और आपदा से उबरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

