Sunday, March 8, 2026
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स्कूल में शिक्षक न होने से बाधित हो रही पढ़ाई, कोरोना के बाद शिक्षकों की कमी से भविष्य अंधकारमय

बागेश्वर : जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों की हालत बेहद खराब है। कई स्कूल एक शिक्षक के सहारे चल रहे है। एक शिक्षक को कई काम करने होते है जिससे पढ़ाई बाधित रहती है। जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

जिले के कपकोट ब्लाक के चुचरे ग्राम सभा में स्थित है राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठेली। जहां 11 बच्चों में एक शिक्षक तैनात है। आवश्यकीय कार्य के कारण शिक्षक के छुट्टी में रहने से पठन-पाठन कार्य अक्सर बाधित रहता है। कोरोना के बाद अब सभी प्राथमिक विद्यालय खुलने वाले है। बिना शिक्षक बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा यह यक्ष प्रश्न बन गया है। शिक्षा विभाग की माने तो एक शिक्षक की नियुक्ति की गई है। लेकिन उसने अभी तक स्कूल में नियुक्ति तक नही ली हैं। 

प्रधान भूपाल सिंह, अभिभावक संघ के अध्यक्ष उम्मेद सिंह, दिवान सिंह, कुंदन सिंह, पुष्कर सिंह, खुशाल सिंह आदि ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो इसलिए यहां दो शिक्षक आवश्यक होने चाहिए। बच्चों के भविष्य के प्रति शासन-प्रशासन का रुख उपेक्षापूर्ण है। कई बार मांग करने पर भी कार्रवाई नही होती। अगर जल्द शिक्षक की नियुक्ति नही होती तो अभिभावकों को अपने पाल्यों के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

जिलाधिकारी विनीत कुमार का कहना है कि सभी दूरस्थ विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। राप्रावि ठेली में भी शिक्षक भेजा जाएगा। सीइओ को निर्देशित कर दिया गया है।

मुख्यशिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी ने बताया कि राप्रावि में एक शिक्षक मोहन सिंह पुत्र कुंदन सिंह को प्रोमेशन देकर भेजा गया है। अगर वह जल्द नियुक्ति नही लेता तो उसका प्रमोशन रद कर कार्रवाई की जाएगी और दूसरे को नियुक्ति दी जाएगी।

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