Friday, October 23, 2026
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कमस्यार घाटी में भालू का आतंक, छात्रों और ग्रामीणों में दहशत

बागेश्वर। कमस्यार घाटी के टकनार और भैसूड़ी गांवों में पिछले एक सप्ताह से भालू की लगातार बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। भालू के दो शावकों के साथ गांव में घूमने की खबर ने खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भालू की आवाजें घरों तक सुनाई देती हैं, जबकि दिन में भी जंगलों में उसकी हलचल महसूस की जा सकती है। सबसे ज्यादा खतरा उन बच्चों को है जो रोजाना सात किलोमीटर दूर राइंका देवतोली पढ़ने जाते हैं। अभिभावक बच्चों को अकेले भेजने से डर रहे हैं।

शिकायत मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत भैसूड़ी और टकनार गांव पहुंची। विभाग ने गांवों में नियमित गश्त शुरू कर दी है और स्कूल पहुंचकर शिक्षकों, छात्रों व अभिभावकों से बातचीत की। बच्चों को समूह में चलने, रास्ते में आवाज करते हुए आगे बढ़ने और हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को भी रात में अकेले घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है।

वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। यदि भालू और उसके शावकों की स्पष्ट मौजूदगी मिलती है तो विभाग आगे उचित कार्रवाई करेगा।

वन क्षेत्राधिकारी दीप जोशी ने बताया कि विभाग पूरी तरह सतर्क है और ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भालू को किसी तरह की उत्तेजना या खतरा महसूस न हो, इसलिए ग्रामीण भी सहयोग और सावधानी बरतें।

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