गैरसैंण/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सदन के भीतर और बाहर सियासी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज दोपहर तीन बजे सदन में राज्य सरकार का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल को देखते हुए इस बार का बजट खास माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं।
सत्र के दौरान सदन के बाहर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिवालीखाल में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों को रोक दिया और विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने पांच बैरियर भी तोड़ दिए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ यूकेडी कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए। पुलिस ने करीब 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई।
उधर, बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति दी गई है, जिसमें उनकी सुरक्षा और यौन उत्पीड़न रोकने के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही कर्मकार बोर्ड द्वारा 10 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है।
राज्यपाल ने बताया कि देहरादून के हर्रावाला में 300 बेड के कैंसर व मेटरनिटी केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 388 पंचकर्म यूनिट संचालित हैं और 112 नई यूनिट स्थापित की जाएंगी। शिक्षा के क्षेत्र में 12वीं तक के छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें दी जा रही हैं और 810 स्कूलों में 1585 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर निकायों में स्ट्रीट लाइट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। डिजिटल उत्तराखंड पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई गई है।
सीमांत क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बताया कि पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 21,300 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई जा चुकी हैं और 1860 बसावटों को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया है। वहीं पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना भी संचालित की जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 9.62 लाख से अधिक पेंशनरों को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई है।

