चमोली (उत्तराखंड)— बदरीनाथ धाम में रविवार देर रात से हो रही भारी बारिश के चलते सोमवार को कंचन नाला उफान पर आ गया, जिससे बदरीनाथ हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लगभग पांच घंटे तक हाईवे के दोनों ओर करीब 150 वाहन फंसे रहे, जिनमें करीब 1500 तीर्थयात्री मौजूद थे। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बारिश के कारण सुबह करीब 10 बजे कंचन नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नाले का कल्वर्ट मलबे से बंद हो गया, जिससे पानी और भारी मलबा पत्थरों सहित हाईवे पर बहने लगा। ढलान की वजह से मलबा सीधे सड़क पर खड़े वाहनों तक पहुंच गया, जिससे आवागमन रुक गया।
नाले के उफान से पूरे हाईवे पर मलबा और पत्थर फैल गए थे। कुछ यात्रियों के वाहनों को धक्का मारकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। हालात को काबू में लाने के लिए दोपहर 1 बजे से पोकलेन मशीन से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कल्वर्ट के दोनों ओर पत्थरों का भरान करने के बाद दोपहर करीब 3 बजे से हाईवे पर आवागमन आंशिक रूप से शुरू हो पाया।
बदरीनाथ के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर नाले के दोनों ओर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। दोपहर 3:30 बजे तक सभी फंसे हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मानसूनी आपदाएं पहाड़ी क्षेत्रों में कितनी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। प्रशासन ने समय रहते राहत कार्य कर एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

