कर्णप्रयाग (चमोली): कर्णप्रयाग तहसील के आदिबदरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंगा के कंड तोक में भालू के हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। सुबह करीब 7:30 बजे एक भालू ने घर के बाहर खड़े एक व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए व्यक्ति तुरंत घर के अंदर घुस गया और दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र कुंवर ने बताया कि जैसे ही व्यक्ति ने शोर मचाया, भालू मौके से जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना फैलते ही पूरे गांव में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
प्रदेश में भालू के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य गठन के बाद वर्ष 2025 में भालू के हमलों में सबसे अधिक जान-माल का नुकसान दर्ज किया गया है। आमतौर पर पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक तेंदुओं के हमलों की घटनाएं अधिक सामने आती रही हैं, लेकिन वर्ष 2025 में तेंदुओं की तुलना में भालू के हमलों में अधिक लोग घायल हुए हैं।
उत्तराखंड लंबे समय से वन्यजीव संघर्ष को लेकर संवेदनशील राज्य रहा है। पिछले वर्ष वन्यजीवों के हमलों में कुल 68 लोगों की मौत हुई, जबकि 488 लोग घायल हुए। इनमें भालू के हमलों में आठ लोगों की जान गई है। वर्ष 2000 के बाद से अब तक भालू के हमलों में सबसे अधिक मौतें इसी अवधि में दर्ज की गई हैं। साथ ही भालू के हमलों में 108 लोग घायल हुए हैं, जबकि तेंदुओं के हमलों में 102 लोग घायल बताए गए हैं। लगातार बढ़ रही घटनाओं ने वन्यजीव प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

