चमोली — उत्तराखंड के चमोली जिले की घाट तहसील के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार देर रात भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। क्षेत्र के फाली लगा कुंतरी, सैंती कुंतरी, धुरमा और सेरा गांवों में मकान मलबे में दब गए हैं और अब तक कुल 10 लोगों के लापता होने की सूचना है।
रात करीब एक बजे भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। फाली लगा कुंतरी गांव से पांच, सैंती कुंतरी से दो और धुरमा गांव से एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। इसके अलावा, सेरा गांव में भी कई मकान बह गए हैं।
लापता व्यक्तियों के नाम:
ग्राम कुंतरी लगा फाली से:
- कुंवर सिंह (42 वर्ष)
- कांता देवी (38 वर्ष)
- विकास (10 वर्ष)
- विशाल (10 वर्ष)
- नरेंद्र सिंह (40 वर्ष)
- जगदंबा प्रसाद (70 वर्ष)
- भागा देवी (65 वर्ष)
- देवेश्वरी देवी (65 वर्ष)
ग्राम धुरमा से:
9. गुमान सिंह (75 वर्ष)
10. ममता देवी (38 वर्ष)
तेज़ बारिश के चलते मोक्ष गाड़ गदेरा उफान पर आ गया, जिससे नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर पुल खतरे में है। सेरा गांव में कई मकान बह गए हैं, जबकि एक पेट्रोल पंप और पुराना बाज़ार से जोड़ने वाला पुल भी पानी में बह गया।
थराली क्षेत्र, सोल घाटी और अन्य आसपास के गांवों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगह सड़कें अवरुद्ध हैं और क्षेत्रों का आपसी संपर्क कट गया है। सालूबगड़ और लांखी जैसे गांवों में भी मकानों को खतरा बना हुआ है।
प्रशासन की तत्परता:
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, मेडिकल टीमें और एंबुलेंस मौके पर भेजी जा चुकी हैं। धुरमा गांव में मकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन वहां जनहानि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुःख जताते हुए ट्वीट किया, “जनपद चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से घरों को क्षति पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ व पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मैं स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहा हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”

