गोपेश्वर, चमोली। जिले के नंदनगर क्षेत्र में बुधवार रात हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य शुक्रवार को भी जारी रहा। सरपाणी क्षेत्र के कुंतरी गांव से आज दो और महिलाओं के शव बरामद किए गए हैं। इससे पहले गुरुवार को दो शव मिले थे, जबकि अब भी पांच लोग लापता हैं।
आपदा की चपेट में आकर कुल 42 परिवार प्रभावित हुए हैं। 15 से अधिक मकान मलबे में दब चुके हैं। सवा सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा सैती प्राथमिक विद्यालय, मरिया आश्रम और पूर्ति निरीक्षक गोदाम फाली में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। राहत शिविरों में शुक्रवार रात कुल 79 लोगों ने शरण ली, जिनमें गल्ला गोदाम में 26 और मैरा आश्रम में 53 लोग शामिल हैं।
प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री प्रभावित गांवों तक पहुंचा रही हैं। धुर्मा गांव में हेली सेवा के माध्यम से 200 फूड पैकेट और 23 राशन किट भेजी गई हैं। इसके अतिरिक्त गल्ला गोदाम में 108 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई और 30 राशन किट वितरित की गईं।
राहत कार्यों में अब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) भी सक्रिय रूप से जुट गई है। संचार व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है, जबकि सेरा-धुर्मा सड़क मार्ग को पुनः सुचारु करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी तिवारी ने बताया कि राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति और पैदल मार्ग से लोगों के आवागमन को बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि मार्ग शीघ्र ही बहाल कर लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे।

