चमोली (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी इन दिनों अपने रंग-बिरंगे फूलों के लिए नहीं, बल्कि बर्फ की चादर ओढ़े मनोरम प्राकृतिक दृश्यों के लिए चर्चा में है। आमतौर पर फूलों की बहार के लिए जानी जाने वाली यह घाटी अब समय से पहले हुई बर्फबारी के कारण पूरी तरह से हिमाच्छादित हो चुकी है, जिससे घाटी ने अपना रूप ही बदल लिया है।
घाटी में अब फूलों की संख्या बेहद कम हो गई है, लेकिन चारों ओर जमी बर्फ और पहाड़ियों पर गिरी सफेद चादर ने घाटी की सुंदरता को एक नया आयाम दे दिया है। यहां के प्राकृतिक ढलान और पर्वत श्रृंखलाएं अब बर्फ की वजह से और भी आकर्षक व मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं।
पर्यटक बर्फ का उठा रहे लुत्फ
स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती के अनुसार, इस बार बर्फबारी समय से पहले हो गई है, जिससे पर्यटकों की रुचि भी बढ़ी है। “अब लोग फूल देखने नहीं, बर्फ का आनंद लेने के लिए घाटी का रुख कर रहे हैं।
वहीं, फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने जानकारी दी कि बर्फबारी के बाद हर दिन 8 से 10 पर्यटक घाटी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घाटी 31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी, इसलिए इन दिनों आने वाले पर्यटक इस बर्फीली सुंदरता का अंतिम आनंद ले रहे हैं।
समय से पहले बंद हो सकता है रास्ता
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, अगर बर्फबारी का क्रम यूं ही चलता रहा, तो घाटी तक पहुंचने वाले रास्ते समय से पहले अवरुद्ध हो सकते हैं। इसलिए पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा से पहले मौसम और रास्तों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
फूलों की घाटी, जो कि यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है, हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। हालांकि इस बार फूलों की बहार की जगह सर्द मौसम और बर्फीली वादियों ने घाटी की सुंदरता को नए रूप में पेश किया है, जो पर्यटकों के लिए एक अलग ही अनुभव बन रहा है।

