चमोली/थराली— उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर कहर बनकर टूटा है। चमोली जिले के थराली तहसील के टूनरी गदेरा क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में एसडीएम आवास समेत कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, एक 20 वर्षीय युवती मलबे में दब गई है, जबकि एक बुजुर्ग के लापता होने की खबर है।
थराली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में भी मलबे का असर साफ नजर आ रहा है। कई दुकानों और घरों को नुकसान पहुंचा है, वहीं वाहन भी मलबे में दब गए हैं या बहकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच गए हैं। थराली-सागवाड़ा और थराली-ग्वालदम मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
सागवाड़ा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
सागवाड़ा गांव से एक व्यक्ति के मलबे में दबे होने की खबर है। साथ ही 20 वर्षीय एक लड़की भी लापता है। इन घटनाओं की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम गौचर से और एनडीआरएफ की टीम ग्वालदम से मौके के लिए रवाना हो गई हैं। आईटीबीपी और एसएसबी की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गई हैं।
एसडीएम ने समय रहते छोड़ा आवास
रात में अचानक तेज बारिश और गदेरा के उफान पर आने से राड़ीबगड़ स्थित थराली तहसील परिसर में भी मलबा भर गया। एसडीएम आवास मलबे में दब गया, लेकिन समय रहते एसडीएम और उनके परिजन सुरक्षित स्थान पर चले गए।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा, “जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में बादल फटने की दुःखद सूचना मिली है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं। मैं स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहा हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”
वर्तमान स्थिति और प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और लापता व्यक्तियों की तलाश है। आपदा प्रबंधन विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। थराली, चेपड़ों और सागवाड़ा जैसे इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
बादल फटने की इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को उजागर कर दिया है। क्षेत्र में हालात सामान्य होने में समय लग सकता है, और तब तक स्थानीय लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

