चमोली/देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पर्वतीय जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। चमोली जिले की उर्गम घाटी स्थित रांता तोक में भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसमें दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए।
स्थानीय निवासी ने बताया कि भूस्खलन का मुख्य कारण भारी बारिश के साथ-साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लापरवाही से हो रहा सड़क निर्माण है। उन्होंने बताया कि मकानों के ऊपर बासा सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे भूस्खलन की आशंका पहले से बनी हुई थी।
इस बीच मौसम विभाग ने आज देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी तेज गर्जन और बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अगस्त तक प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
65 सड़कें बंद, ग्रामीण और यात्री परेशान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश के चलते प्रदेशभर में 65 सड़कें बंद हो गई हैं। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-घटियाबगड़-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा और बड़े पत्थरों के कारण अवरुद्ध है। इसी जिले में 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है:
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रुद्रप्रयाग: 8 ग्रामीण सड़कें बंद
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उत्तरकाशी: 11 सड़कें
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चमोली: 7 सड़कें
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अल्मोड़ा: 4 सड़कें
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बागेश्वर: 6 सड़कें
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पौड़ी गढ़वाल: 3 सड़कें
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टिहरी: 5 सड़कें
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देहरादून: 4 सड़कें
विभागीय अधिकारी बंद सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से कार्यों में बाधा आ रही है।
सावधानी बरतें, प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

