नीती घाटी में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन पर असर डाल दिया है। रात के समय तापमान लगातार गिर रहा है और माइनस 10 डिग्री तक पहुंच गया है। इसके चलते घाटी में बहने वाले गाड–गदेरे, छोटे झरने और नदी-नाले जम चुके हैं। जगह-जगह जमे पानी की परतें बर्फ की अनोखी आकृतियां बनाकर पर्यटकों का ध्यान खींच रही हैं। बर्फ से ढकी घाटी का नजारा देखने के लिए देशभर से सैलानी यहां पहुंच रहे हैं।
बारिश न होने के कारण क्षेत्र में ‘कोरी ठंड’ पड़ रही है, जबकि लगातार पाला गिरने से तापमान और नीचे जा रहा है। जम चुके झरनों और बहते पानी के बीच बनी बर्फ की परतों ने प्राकृतिक सौंदर्य में और इजाफा किया है, जिससे यह इलाका शीतकालीन पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया है।
हर साल की तरह इस बार भी कड़ी सर्दी के कारण स्थानीय ग्रामीण अपने पैतृक घरों को अस्थायी रूप से छोड़कर जिले के निचले इलाकों की ओर चले गए हैं। हालांकि, घाटी में रहने वाले कुछ युवाओं ने पर्यटन के अवसर को देखते हुए होम स्टे शुरू किए हैं। यहां पर्यटकों के ठहरने और स्थानीय भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है और आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। नीती घाटी में बढ़ती सर्दी और प्राकृतिक सुंदरता इस समय पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

