नंदानगर, उत्तराखंड – नगर पंचायत नंदानगर के बैंड बाजार क्षेत्र में भूधंसाव ने गंभीर रूप ले लिया है। पलपाणी तोक में लगातार बढ़ रहे भूधंसाव के चलते शनिवार को चार कमरों का एक आवासीय मकान और चार गोशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रभावित क्षेत्र के 34 परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है, जबकि बाजार की लगभग 25 दुकानें भी खतरे की जद में हैं। इसी कारण शनिवार को सभी दुकानें बंद रहीं।
जानकारी के अनुसार, नंदानगर के कुंतरी लगा फाली वार्ड में करीब 100 मीटर क्षेत्र में भूधंसाव जारी है। शुक्रवार को इस क्षेत्र में कुछ मकानों और खेतों में दरारें देखी गई थीं, जो रातभर की बारिश के बाद और अधिक चौड़ी हो गईं। शनिवार सुबह जमीन पर कई जगहों पर एक फीट तक गहरी दरारें देखी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
कुंवर कॉलोनी के खेतों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कई पेड़ उखड़ चुके हैं। संग्राम सिंह का चार कमरों का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। वहीं सुरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, गंभीर सिंह और चंदन सिंह की गोशालाएं भी भूधंसाव की भेंट चढ़ गई हैं।
गोविंद सिंह कुंवर, नरेंद्र रावत और दो अन्य के आवासीय मकानों के पीछे मलबा भर गया है। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कुल 17 आवासीय परिवार रह रहे थे, जिनमें से 10 परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले चुके हैं, जबकि 7 परिवारों को बांजबगड़ रोड स्थित बारात घर में बनाए गए राहत शिविर में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, 17 परिवार किराए पर रह रहे थे, जिनमें से 14 अपने गांव लौट गए हैं और 3 परिवारों ने दूसरी जगह पर किराए के कमरे ले लिए हैं। वहीं, चुफलागाड और नंदाकिनी नदी के किनारे स्थित दुकानों और मकानों से 34 लोगों को भेंटी रोड स्थित बारात घर में शिफ्ट किया गया है।
व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह ने बताया कि बैंड बाजार की लगभग 25 दुकानें खतरे की सीमा में पहुंच चुकी हैं। व्यापारी अब अपनी दुकानें खोलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और भू-वैज्ञानिकों की टीम भी मौके पर पहुंचने की तैयारी में है। स्थानीय लोग सरकार से शीघ्र स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

