प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में आज “वृक्षारोपण अभियान 2025” की शुरुआत उत्साह और जोश के साथ हुई। अभियान के पहले ही दिन 535 पेड़ लगाए गए, जो न केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन और पर्यटन विकास को भी नया आयाम देने वाला प्रयास है।
अभियान की थीम “पर्यावरण भी, पर्यटन भी!” को स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवकों और विभिन्न संगठनों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनाया। यह नारा औली को एक हरित, स्वच्छ और अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने के संकल्प को और भी मजबूती देता है।
पिछले प्रयास और निरंतरता
वर्ष 2024 में भी इसी अभियान के अंतर्गत 5001 पौधे रोपे गए थे। इस वर्ष के वृक्षारोपण के साथ यह संख्या बढ़कर 5536 पेड़ हो गई है। यह दर्शाता है कि औली को हरियाली से भरने की दिशा में यह अभियान निरंतर प्रगति कर रहा है।
इस अभियान की सफलता में कई संगठनों और व्यक्तियों का सराहनीय योगदान रहा:
एनडीआरएफ (उत्तर क्षेत्र) की टीम, जिनका सक्रिय सहयोग अभियान की रीढ़ रहा,डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (उत्तर क्षेत्र) – गमवीर सिंह चौहान (कमांडर),सुदेश कुमार दयाल, नरकारी अमित कुमार, उपनरकारी शमशेर सिंह और उनकी समर्पित टीम.
विंटर गेम्स एसोसिएशन उत्तराखंड से विकेश डोबरियाल, हर्ष नेगी, नागे सकलानी, पंकज भंडारी जीएमवीएन की टीम से दीपक डोबरियाल और नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के रेंज अधिकारी गौरव नेगी, जिनके सहयोग से पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई और इस अभियान को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई गई।
नज़रें भविष्य पर
औली में यह वृक्षारोपण अभियान सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा है – जिससे यह क्षेत्र एक हरित पर्यटन मॉडल के रूप में उभर सके। स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संगठनों के समन्वित प्रयासों से यह पहल निश्चित ही एक स्थायी परिवर्तन की ओर अग्रसर है।

