हिमालय क्षेत्र में स्थित बाबा बर्फानी के प्रसिद्ध टिम्मरसैंण गुफा क्षेत्र का स्वरूप जल्द बदलने वाला है। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत जिला पर्यटन विकास विभाग ने यहां सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना के लिए भारत सरकार ने 26 करोड़ 85 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
चमोली जनपद की टिम्मरसैंण गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ शिवलिंग का निर्माण होता है, जिसके दर्शन के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। गुफा क्षेत्र के विकास और आवागमन को सुगम बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने वर्ष 2024 में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे इस वर्ष जनवरी में मंजूरी मिल गई।
पर्यटन विभाग ने अत्यधिक बर्फबारी न होने का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं। गुफा परिसर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है और प्राकृतिक पैदल मार्ग को सुधारा जा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर फिसलन को देखते हुए रेलिंग लगाई जा रही है तथा रास्ते पर नक्काशीदार पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत टिम्मरसैंण में अवस्थापना विकास के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत-चीन सीमा क्षेत्र के नीती गांव में स्थित इस गुफा की प्रसिद्धि पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। देशभर से श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यहां पहुंच रहे हैं। औली और आसपास के पर्यटन स्थलों की यात्रा पर आने वाले पर्यटक भी अब टिम्मरसैंण गुफा को अपनी यात्रा में शामिल कर रहे हैं।

