श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान करने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु हर साल बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, लेकिन इस बार बारिश, आपदा और खराब सड़कों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है।
बदरीनाथ धाम में श्राद्ध पक्ष को यात्रा के द्वितीय चरण की शुरुआत माना जाता है। खासकर ब्रह्मकपाल तीर्थ पर लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं। लेकिन इस साल यात्रा में उत्साह की कमी साफ झलक रही है।
धाम में पिछले तीन दिनों से श्राद्ध पक्ष चल रहा है, मगर अब तक रोजाना केवल 400 से 500 श्रद्धालु ही ब्रह्मकपाल पहुंच पा रहे हैं, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या प्रतिदिन एक हजार से अधिक थी।
ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित मदन कोठियाल ने बताया कि “इस बार लगातार हो रही बारिश और सड़कों की खराब हालत के कारण यात्रा पर असर पड़ा है। भूस्खलन और बदरीनाथ हाईवे की खराब स्थिति ने श्रद्धालुओं की राह मुश्किल कर दी है।”
हालांकि तीर्थ पुरोहितों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे मौसम सुधरेगा, श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा और धाम में पुनः चहल-पहल लौटेगी।

