Sunday, March 8, 2026
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यात्रियों को नहीं होगी बदरीनाथ में ठहरने की अनुमति, दर्शन के बाद लौटना होगा जोशीमठ

Chardham Yatra 2020: यात्रियों को बदरीनाथ में ठहरने की अनुमति नहीं, दर्शन के बाद लौटना होगा जोशीमठ

गोपेश्वर। चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बदरीनाथ जाने वाले यात्रियों को लामबगड़ में चिकित्सा जांच के बाद अनुमति पत्र और टोकन दिया जाएगा। अलबत्ता बदरीनाथ धाम में फिलहाल यात्रियों के ठहरने की मनाही है। उन्हें एक दिन में ही दर्शन कर जोशीमठ वापस लौटना होगा। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि बदरीनाथ धाम में पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू कर दी गई हैं। विशेष परिस्थिति में ही यात्रियों को बदरीनाथ में रुकने की अनुमति दी जाएगी।

फिलहाल, उत्तराखंड के 13 जिलों के लोग ही बदरीनाथ दर्शनों को जा सकते हैं। उनकी सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से बदरीनाथ धाम से 18 किमी पूर्व लामबगड़ पुलिस चैकी पर जांच बैरियर लगाकर यात्रा मजिस्ट्रेट समेत पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। यात्रियों को यहीं पर स्वास्थ्य जांच के बाद अनुमति पत्र दिया जाएगा। यात्रा व्यवस्थाएं देख रहे जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि यात्रियों को इस बैरियर पर उत्तराखंड का निवासी होने का प्रमाण दिखाना होगा।

साथ ही उन्हें बदरीनाथ में रुकने की अनुमति नहीं होगी। एसडीएम ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड की ओर से ऑनलाइन टोकन बुकिंग शुरू किए जाने तक यह व्यवस्था रहेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए धाम में गढ़वाल मंडल विकास निगम का रेस्टोरेंट और तीन जनरल खुले रहेंगे। प्रशासन की ओर से अन्य दुकानों को खुलवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि धाम में दर्शनों को शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने की व्यवस्था की गई है। यात्री सिंह द्वार से मंदिर में प्रवेश कर सभा मंडप होते हुए घंटाकर्ण द्वार से बाहर आएंगे। मंदिर के अंदर सभा मंडप का आधा भाग खाली रहेगा। यहां आरती और पूजा के लिए श्रद्धालु शारीरिक दूरी के मानकों के साथ बैठेंगे।

केदारनाथ के लिए यात्रियों का रजिस्ट्रेशन शुरू
केदारनाथ धाम में यात्रियों के खाने-ठहरने की व्यवस्था बनाने के लिए जिलाधिकारी वंदना सिंह ने गढ़वाल मंडल विकास निगम समेत अन्य विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। घोड़ा-खच्चर के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। यात्रियों का रजिस्ट्रेशन सोनप्रयाग में होगा। यात्रियों को सीमित संख्या में ही केदारनाथ जाने की अनुमति दी जाएगी। डीएम ने बताया कि दो-एक स्थानों पर केदारनाथ पैदल मार्ग खराब है, जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को भी दुकानें आवंटित की गई हैं। जल्द इनका संचालन भी शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ), विद्युत, पेयजल समेत सभी विभागों को व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का कहा गया है।

गंगोत्री धाम यात्रा के लिए तैयार नहीं
गंगोत्री धाम में फिलहाल यात्रा व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ नजर नहीं आ रहा, जबकि जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान का कहना है कि गंगोत्री और हर्षिल में गढ़वाल मंडल विकास निगम के बंगले पहले से ही खुले हुए हैं। यात्रा बढ़ने की स्थिति में एसडीएम को होटल खुलवाने के निर्देश गए हैं, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

यमुनोत्री धाम में पसरा हुआ है सन्नाटा
यमुनोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाओं के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यमुनोत्री के लिए जानकीचट्टी से पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, लेकिन रास्तेभर में चाय की दुकान तक मौजूद नहीं है। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल और उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने बताया कि न तो धाम में यात्रियों के खाने-ठहरने की कोई व्यवस्था है, न जानकीचट्टी में ही।

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