गैरसैंण (भराड़ीसैंण): उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायकों ने सदन में तीव्र विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कार्यवाही को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा। विरोध इस हद तक बढ़ गया कि विपक्षी विधायकों ने सचिव की मेज पर किताबें पटक दीं, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
कांग्रेस विधायक नैनीताल गोलीकांड और हाल ही में संपन्न जिला पंचायत चुनावों के दौरान बिगड़ी कानून-व्यवस्था पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साधे बैठी है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में कहा, “सरकार सो रही है, जनता की सुरक्षा दांव पर है।”
हालांकि मुख्यमंत्री ने कल शाम कुमाऊं आयुक्त को नैनीताल की घटना की जांच के आदेश दे दिए थे, बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वेल में उतरकर जमकर नारेबाजी की।
पहले दिन भी नहीं चल सका सदन सुचारू रूप से
सत्र के पहले दिन भी सदन महज एक घंटा 45 मिनट ही चल पाया था। विपक्षी हंगामे के कारण कार्यवाही को आठ बार स्थगित करना पड़ा। इस शोरगुल के बीच सरकार ने नौ विधेयक सदन में पेश किए।
गौरतलब है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में चल रहे इस सत्र को लेकर पहले से ही जनता की उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन विपक्ष और सरकार के बीच लगातार टकराव से सदन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

