चम्पावत: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को चम्पावत के ऐतिहासिक गोल्ज्यू मंदिर और प्राचीन बालेश्वर मंदिर का भ्रमण कर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ बनाने हेतु चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण
मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू मंदिर परिसर में प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवो मोहन पलड़िया ने उन्हें परियोजना के सभी घटकों, संरचनाओं और कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव ने परिसर का स्वयं भ्रमण करते हुए कॉरिडोर के प्रस्तावित निर्माण, सौंदर्यीकरण और सुगमता बढ़ाने वाली सुविधाओं का जायज़ा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि— धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ। कॉरिडोर के विकास में स्थायी संरचनाओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय परंपराओं का पूरा ध्यान रखा जाए। बालेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण
इसके बाद मुख्य सचिव ने बालेश्वर मंदिर का निरीक्षण किया और मंदिर परिसर व नौले के सौंदर्यीकरण की आवश्यकताओं का अध्ययन किया। उन्होंने पुरातत्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंदिर के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य सचिव ने कहा कि—“गोल्ज्यू मंदिर और बालेश्वर मंदिर दोनों ही लोक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण से चम्पावत में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।”
अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

