Saturday, March 7, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डप्रशासन ने दसरे राज्यों में फंसे युवाओं को लाने को तेज की...

प्रशासन ने दसरे राज्यों में फंसे युवाओं को लाने को तेज की तैयारी

चम्पावत। लॉकडाउन के चलते दूसरों राज्यों में फंसे प्रदेश के नौकरी पेशा युवाओं, लोगों, छात्रों, पर्यटकों, श्रद्धालुओं और अन्य नागरिकों की जल्द सुरक्षित घर वापसी हो सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार से निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इनकी सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। वर्तमान में जिला प्रशासन के पास जनपद के 550 लोगों की सूची है। वहीं जिला प्रशासन ने फंसे लोगों से संबंधित लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।

जनपद के करीब 550 युवा गोवा, केरल, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में लॉकडाउन में फंसे हुए हैं। जो लगातार प्रदेश सरकारों व जनप्रतिनिधियों से से वीडियो व मैसेज के जरिए वापस बुलाने की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने इनकी सूची बनानी शुरू कर दी। यह सूची भी जिला प्रशासन को सौंप दी है। जिला प्रशासन ने यह सूची भी सचिव परिवहन विभाग को भेज दी है। वहीं राज्य सरकार को इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश मिल गया है। अब प्रदेश सरकार भी उन्हें चरणबद्ध तरीके से लाने की तैयारी शुरू कर दी है। घर पहुंचाने के बाद सभी को होम क्वारंटाइन या जरूरत पड़ने पर संस्थागत क्वारंटाइन किया जाएगा। डीएम एसएन पांडे ने बताया कि जो भी युवा बाहरी राज्यों में फंसे हुए हैं वह सरकार के जारी लिंक डीएससीएल सर्विस डॉट इनध्उत्तराखंड-मिगरेंट-रजिस्ट्रेशन डॉट पीएचपी पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। जिससे सरकार को इसकी जानकारी मिल सके। वहीं प्रशासन के पास 550 लोगों की सूची है। जो सचिव परिवहन विभाग को भेज दी है। वहीं राहत शिविरों में करीब 150 लोग उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के लोग जनपद में रह रहे हैं। ग्राम पंचायत घरों में करा जाएगा क्वारंटाइन

डीएम एसएन पांडे ने बताया कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए जनपद के विभिन्न होटलों में एक हजार बेड की व्यवस्था की है। अगर राज्यों से लौटने वाले लोगों की संख्या इससे ज्यादा होती है तो उन्हें 103 पंचायत घरों व हाइवे के स्कूलों में क्वारंटाइन किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments