देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर करने और सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस ने उत्तराखंड भर में प्रदर्शन और पुतला दहन किया। राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
देहरादून में यमुना कॉलोनी तिराहा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन किया और नारेबाजी करते हुए अंकिता को न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार वीआईपी का नाम सामने लाने से बच रही है।
वहीं देहरादून में ही एंजेल चकमा और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। गेट बंद होने पर कुछ छात्र कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने धक्का देकर गेट खोल दिया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कुमाऊं मंडल के रुद्रपुर शहर में भी कांग्रेस कार्यकर्ता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में तीन से चार पुलिसकर्मी और कई कांग्रेसी कार्यकर्ता घायल हो गए।
श्रीनगर में ‘अंकिता भंडारी को न्याय दो’ पदयात्रा
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में श्रीनगर में ‘अंकिता भंडारी को न्याय दो’ पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा एनआईटी उत्तराखंड गेट से शुरू होकर पौड़ी चुंगी होते हुए गोला बाजार तक पहुंची, जहां गोला पार्क में जनसभा का आयोजन किया गया।
पदयात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने नारेबाजी करते हुए अंकिता को न्याय दिलाने और मामले में कथित वीआईपी के नाम की जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

