Tuesday, March 10, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डअब सिर्फ एक क्लिक पर मिलेंगे सर्वे ऑफ इंडिया के सारे नक्शे

अब सिर्फ एक क्लिक पर मिलेंगे सर्वे ऑफ इंडिया के सारे नक्शे

सर्वे ऑफ इंडिया से जुड़े नक्शे अब आम लोगों के लिए भी सुलभ होंगे। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ऑनलाइन मैप्स पोर्टल व सारथी वेब जीआईएस एप्लीकेशन पोर्टल, विभागीय सचिव आशुतोष शर्मा ने लांच किया। सबसे बड़े भू-स्थानिक पोर्टल की लांचिंग के मौके पर शर्मा ने कहा कि इससे भू-स्थानिक समुदाय के सदस्य, जीआईएस प्रशिक्षु, सरकारी व निजी संगठनों के डेटा यूजर्स, शिक्षक, शोथार्थी व लाखों छात्रों को इससे फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि नक्शे और भू-स्थानिक डेटा उत्पादों की आसान पहुंच के लिए पोर्टल लांच करना एक ऐतिहासिक मौका है। अभी तक ये नक्शे देहरादून, हैदराबाद, कोलकाता व नई    दिल्ली आदि सेंटरों पर ही मिलते थे। भारत के महासर्वेक्षक जनरल नवीन तोमर ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत नई जियो स्पेशियल डाटा सर्विस पॉलिसी की गाइड लाइन में ऑनलाइन मैप सर्विस का उल्लेख किया गया है।

विभाग काफी समय से इसकी तैयारी कर रहा था। पहले ये सिर्फ नक्शा पोर्टल पर सीमित रूप से उपलब्ध थे, अब इन्हें राज्य स्तर पर व्यापक किया गया है। इसमें सर्वे ऑफ इंडिया के ओपन सीरिज के करीब चार हजार सटीक नक्शे    अब शोध कार्यों के लिए मुफ्त उपलब्ध रहेंगे। कार्यक्रम में सर्वे ऑफ इंडिया के अन्य अधिकारी भी ऑनलाइन जुड़े।

बड़े प्रोजेक्ट के साथ शोध और स्कूली छात्र यूं उठा सकेंगे फायदा
डिजिटल नक्शा हासिल करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के ऑनलाइन पोर्टल लिंक पर जाना होगा। नक्शा डाउनलोड करने के लिए अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करना होगा। जिस पर वैरिफिकेशन कोड जाएगा। यूजर को जिला व तहसील स्तर तक के चार हजार मैप की पीडीएफ फाइल उपलब्ध होगी। हालांकि अगर किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए नक्शे की हार्ड कॉपी की जरूरत होगी तो वह कार्यलय से ले सकते हैं। प्लानिंग से जुड़ी संस्थाओं को इस तरह के नक्शे की कॉपी चाहिए होती है।

जिसके लिए 110 रुपये का शुल्क है। पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र की उत्तराखंड यूनिट ने विकसित किया है। ऑनलाइन मैप से इंटेलीजेंस, कृषि, लोकेशन ट्रेसिंग, पब्लिक सर्विस समेत अनेक महत्वपूर्ण कार्यों में प्रयुक्त किया जा सकेगा। नक्शे 50,000 स्केल पर होते हैं जो नक्शे पर दो सेंटीमीटर व जमीन पर दो किलोमीटर के रूप में दर्ज होते हैं। यह प्रमाणिक सटीकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments