Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंडः मैदानी इलाकों में बारिश, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, बढ़ी ठंड

देहरादून। प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में मंगलवार तड़के से शुरू हुई बारिश से पारा गिर गया है। वहीं राज्य के पहाड़ी इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। कहीं-कहीं बर्फबारी अभी भी जारी है। तड़के साढ़े तीन बजे से राजधानी देहरादून में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

टिहरी जिले में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। यहां धनोल्टी और अन्य ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तरकाशी जिले में बादल छाए हैं। यहां बारिश की संभावना है। चमोली में फिर ठंड बढ़ गई है। जिले में आज सुबह पांच बजे से बारिश जारी है। यहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। श्रीनगर में भी सुबह से बारिश जारी है। रुड़की में देर रात से रूक-रूक बारिश जारी है।

आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी के आसार
कुमाऊं की बात करें तो नैनीताल और अल्मोड़ा में रात में बारिश हुई। यहां अभी भी बारिश के आसार बने हुए हैं। भीमताल में बादल छाए हुए हैं और लोहाघाट में हल्की बारिश हो रही है। रुद्रपुर में सोमवार रात में हल्की बारिश होने के बाद सुबह धूप खिली है।

बता दें कि मौसम विभाग ने आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरने का अनुमान है। इसके अलावा राज्य के कई इलाकों में कोल्ड डे कंडीशन हो सकती है। ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर भी चल सकती है।

कई इलाकों में हो सकती है कोल्ड डे कंडीशन
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य के लगभग सभी इलाकों में बादल छाये रह सकते हैं। दोपहर बाद मौसम में बदलाव आने और अगले 24 घंटों के दौरान बारिश होने का अनुमान है।

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के तीन हजार मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा नैनीताल, देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना है।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य के कई इलाकों में कोल्ड डे कंडीशन हो सकती है। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में कोल्ड डे कंडीशन रहने के आसार हैं। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर भी चल सकती है। उन्होंने बताया कि कुछ निचले और मैदानी इलाके भी शीतलहर की चपेट में आ सकते हैं।

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